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Durgkondal: कगलू कुम्हार शासकीय महाविद्यालय दुर्गकोंदल के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर जारी शिविर के दूसरे दिन बौद्धिक परिचर्चा की गई*।

*कगलू कुम्हार शासकीय महाविद्यालय दुर्गकोंदल के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर जारी शिविर के दूसरे दिन बौद्धिक परिचर्चा की गई*।    



दुर्गकोंदल । विकासखंड दुर्गुकोंदल अंतर्गत ग्राम पंचायत भंडारडिगी के पावन धरा पर कंगलू कुम्हार शासकीय महाविद्यालय दुर्गूकोंदल के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर जारी है, शिविर के दूसरे दिवस पर बौद्धिक परिचर्चा के लिए मुख्य अतिथि के रूप में  जिला परियोजना समन्वयक, जल जीवन मिशन जिला कांकेर से डाॅ. कुमार सिंह तोप्पा पहुंचे। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि द्वारा छत्तीसगढ महतारी, स्वामी विवेकानंद एवं मां सरस्वती की चित्रपटल पर द्वीप प्रज्वलित कर, जनिता कुलदीप, पिकेश ठाकुर एवं लक्ष्मी टांडिया द्वारा राजकीय गीत प्रस्तुत कर की गई। तत्पश्चात डाॅ. तोप्पा द्वारा शुद्ध पेयजल व स्वच्छता से संबंधित जानकारी दी गई। बौद्धिक परिचर्चा के दौरान शिविरार्थियों व ग्रामवासियों से संबोधित करते हुए कहा कि हम सबके अच्छे मित्र हमारा स्वास्थ्य है। और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रमुख तत्व में से एक शुद्ध पेयजल है जो पृथ्वी पर कुल 75% पानी में से 3% पानी  ही पीने योग्य है। किन्तु  आधुनिक विकास के भाग-दौड़ में  दिन प्रतिदिन जल की गुणवत्ता का खराब हो जाना अवश्यंभावी हो जाती है जब वह औद्योगिक अपशिष्ट, मानव अपशिष्ट, पशु अपशिष्ट, कचरा, अनुपचारित मल, रासायनिक अपशिष्ट आदि से प्रदूषित हो जाती है। ऐसे प्रदूषित पानी को पीने या इससे खाना पकाने से जल-जनित रोग और संक्रमण जैसे कि अमिबायसिस, गियारडाइसिस, और टोक्सोप्लास्मोसिस हो जाता है। भू-जल में उपस्थित असंतुलित तत्व आयनों के कारण भी विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ होती है, जिसमें मुख्य रुप से फ्लोराइड की अधिकता के कारण दांत पीले व हड्डियां टेढ़े-मेढ़े हो जाना आदि है। इसके रोकथाम के लिए विभिन्न घरेलु उपचार व वैज्ञानिक तकनीकि, विधि के बारे जानकारी दिया गया।

इस अवसर पर उक्त कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी श्री गोविंद राम मंडावी, सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्री खेमनलाल मंडावी, श्री देवसिंह कांगे, श्री दिलीप ताम्रकर, सुश्री सुमित्रा मंडावी, महादलनायक शिवनाथ जैन, महादलनायिका शिवागनी दर्रो तथा समस्त स्वयंसेवक उपस्थित थे।

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