*रेत की अवैध खनन धड्डले से रायल्टी की अनाधिकृत वसूली एसडीएम से शिकायत*
*बिना पर्ची काटे प्रति ट्रीप चार सौ रूपये रायल्टी की अनाधिकृत वसूली पर आखिर खनिज शाखा मौन क्यों?
गरियाबंद --जिले के देवभोग ब्लाक में कोई अधिकृत रेत ठेकेदार नहीं है फिर भी अवैध खनन और परिवहन सहित अनाधिकृत रायल्टी की वसूली जोरों से चल रहा है। तेलनदी के कुम्हड़ई घाट हो या दबनई और पुरनापानी घाट रोजाना 25 से 30 ट्रेक्टर अवैध परिवहन को अंजाम दे रहे है। रायल्टी ली जा रही है पर रकम सरकारी खजाने के वजाय अनाधिकृत लोगों के जेब में जा रहा है गिरोह इतना सक्रीय है कि यदि कोई गरीब कहीं से एक दो ट्रीप ले आता है तो उसका परिवहन करते ट्रेक्टर को पकड़ा दिया जाता है।
*पहले शिविर बाद में एसडीएम को शिकायत*
अनाधिकृत रायल्टी वसूली को लेकर कुछ दिन पहले सेंदमुडा के शिविर में शिकायत हुआ फिर बीते सोमवार को ओमप्रकाश बघेल ने एसडीएम से शिकायत किया है।ऐसे समय समय पर खनिज विभाग के अधिकारियों से शिकायत होती रही है पर खनिज विभाग अनाधिकृत खनन और रायल्टी वसूली मामले को कभी गम्भीरता से नहीं लिया।
*करलागुडा, सेंदमुडा के बाद अब कुम्हड़ई घाट पर रेत का गोरखधंधा*
बताया जाता है कि माह भर पहले करलागुडा घाट पर पोकलेन मशीन लगाकर अवैधक्षखनन कर हाइवा से परिवहन का काम जोरों से चल रहा था गांववालो के शिकायत के बाद प्रशासन के कारवाई के चलते गिरोह को बंद करना पड़ा,फिर सेंदमुडा घाट पर शुरू हुआ यहां शिविर में शिकायत के बाद अब कुमहडई घाट और दबनई घाट पर शुरू हो गया है।
*आखिर माइनिंग ठेका कहां अटक गया?*
खनिज विभाग ने चार माह पहले कुम्हडई घाट का निविदा जारी किया था निविदा में खदान का टेंडर सरकारी कालेज के एक आपरेटर को मिल भी गया निविदा में शामिल लोगो ने हाईकोर्ट में टेंडर के खिलाफ याचिका दायर कर दिया जिसके बाद से खदान के टेंडर पर रोक लगा हुआ है। खदान शुरू करने के पहले कई औपचारिकता अभी बाकि है और खनिज अधिकारी भी रायल्टी जारी करने तकनिकी खराबी को कारण बताओ रहै।
*घाट के अनाधिकृत होने की जानकारी नहीं है ट्रेक्टर मालिक को*
क्षेत्र के ट्रेक्टर मालिकों को घाट के अनाधिकृत होने की जानकारी नहीं है गोरखधंधे में लगे लोग के कहने पर ही कभी कुमहड ई घाट से तो कभी दबनई घाट पर अवैध खनन को अंजाम दे रहे जहां सरकारें गरीबों के आवास की राशि रिलीज कर पीएम आवास पर जोर दे रही है ऐसे में क्षेत्र के 30 हजार से अधिक पीएम आवास वाले गरीब को अवैध रायल्टी और ट्रेक्टर के भाड़े का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
*शिकायत के आधार पर समय समय पर कारवाई किया है। माइनिंग के लिये अधिकृत खदान की प्रक्रिया जारी है ऐसे में कोई भी रायल्टी के नाम अनाधिकृत वसूली करता है तो जांच कर कारवाई की जाएगी*।
...... अर्पिता पाठक
एसडीएम देवभोग

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