जहाँ गौ का सम्मान है, वहीं राष्ट्र का उत्थान है : जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा
छुरिया : छुरिया जनपद पंचायत में छत्तीसगढ़ सरकार के सबसे बड़ी महत्त्वाकांक्षी योजना गौ धाम समिति की बैठक जनपद अध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में संपन्न हुई । इस बैठक में मुख्यरूप रूप से विजय कोठारी तहसीलदार,होरी लाल साहू सी.ई.ओ जनपद छुरिया,सुश्री उपासना चंद्राकर सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी, जीवन जांघेल, वेद यादव,पडोटी, सरपंचगण उपस्थित रहे । श्री सिन्हा ने बैठक में चर्चा के दौरान बताया कि हमारे देश में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। सरकार के मंशानुरूप छुरिया विकासखंड में 10 स्थानों पर गौ धाम (गौशाला) संचालन को लेकर चर्चा की गई, उक्त बैठक में क्षेत्रीय बसाहट के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाइवे को दृष्टिगत रखते हुए,स्थल का चयन मौका निरीक्षण व उपलब्ध सुविधाएं,जमीन की उपलब्धता को भौतिक निरीक्षण के आधार पर चयन किया जावेगा ।सरकार की इस योजना से अवगत कराते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ सेवा को पुण्य कार्य बताया है। लेकिन समय के साथ सड़कों पर घूमते निराश्रित गौवंश की समस्या अधिक बढ़ी है। इससे किसानों की फसलों को नुकसान होता है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी रहती है। इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा गौ धाम योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है निराश्रित और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना, उनके चारा, पानी और चिकित्सा की उचित व्यवस्था करना तथा उनके संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना हमारी सरकार की मंशा है । गौ धाम संचालन करने के लिए उक्त स्थान पर शेड निर्माण, चारे की व्यवस्था, स्वच्छ पानी, पशु चिकित्सक की सुविधा और देखभाल के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी । इससे गायों को सुरक्षित वातावरण मिलता है और किसानों को राहत मिलती है। साथियों, गौ धाम केवल एक आश्रय स्थल नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता का भी माध्यम है। यहाँ गोबर से जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट बनाई जाती है, जिससे किसानों को प्राकृतिक खेती में लाभ मिलता है। गौमूत्र से औषधीय एवं जैविक उत्पाद भी तैयार किए जा सकते हैं। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
यह योजना हमारी संस्कृति, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था तीनों को मजबूत करने का कार्य कर रही है। हमें भी चाहिए कि हम गौ सेवा के इस कार्य में सहयोग करें, स्वच्छता बनाए रखें और गौ धाम को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाएँ। अंत में उन्होंने कहा कि “जहाँ गौ का सम्मान है, वहीं राष्ट्र का उत्थान है। गौ सेवा ही सच्ची सेवा है, यही हमारी पहचान है।”

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