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Gariyaband: सुखा प्रभावित किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुखिया से मिलकर मुआवजे की मांग की*

*सुखा प्रभावित किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुखिया से मिलकर मुआवजे की मांग की*


*नदी पार 36 गांव के ज्यादातर किसान के फसल पर सुखे की मार



गरियाबंद --हालांकि सरकारी मापदण्ड में अच्छी वारिश हुयी है पर असमय बरसात ने क्षेत्र भर में किसानों की कमर तोड दी है। असमय वारिश का कहर नदी पार के गांवो में ज्यादा प्रभावी दिखा हैऔर वहां के किसानों  के कमर तोड़ने कोई कसर नहीं छोड़ा।बेवश किसान आज अपनी फसल के मुआवजे का वाट जोह रहा है‌ और  बीते --कओ किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल राजधानी पहुंच कर प्रदेश के सीएम विष्णु देव साय से मुलाकात कर अपनी व्यथा को बताया। राजधानी पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में जनपद अध्यक्ष नेहा सिंघल के नेतृत्व में असलम मेमन, देशबन्धु नायक,सहित शिवशंकर नायक, कृष्ण नागेश प्रमुख रूप से शामिल थे।


*तीन समिति के 25गांव के तीस से किसान प्रतिनिधि मंडल में शामिल*


प्रदेश के मुखिया से गुहार करने पहुंचे किसान प्रतिनिधि में झाखरपारा निष्टीगुडा और झिरीपानी समिति के 25गांव के किसान राजधानी पहुंचकर अपनी व्यथा सीएम साय को बताया है।मालुम हो कि इन समितियों में किसान धान नहीं बेच रहे हैं इसमें से निष्टीगुडा समिति में गत 2 जनवरी से समिति के आश्रित गांव दहीगांव और दबनई के 26 किसान अभी तक धान बेचने है वहीं बाकि के गांव के किसानो का कहना है इस वर्ष उनका उपार्जन की पैदावार अल्प वर्षा से प्रभावित हो गया है।जनपद पंचायत अध्यक्ष सिंघल के नेतृत्व में मांगपत्र सौंपते समय जगदीश,चैतनराम,छबीराम,दामोदर,जदुराम,धनुर्जय सहित 30से अधिक किसान मौजूद थे


*सत्ता और संगठन से मुआवजे की गुहर*


वहीं किसान अपने मांगपत्र सीएम के अलावा राज्य के कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम,सहित भाजपा संगठन को भी सौंपा है। सीएम सहित मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने किसानों को हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया है।बता दें कि तीन समिति के चार खरीदी केंद्र के लगभग 2500 कृषक उपार्जन कम होने के कारण  धान नही बेचना चाहते हैं।


*36 गांव के व्यथित किसान की सरकार से क्या है अपेक्षा*


दरअसल देवभोग के नदी पार 36 गांव के किसान जो असमय वर्षा के कारण उपार्जन नहीं ले सके या जिनकी फसल नुकसान हो गयी है वे चाहते हैं सरकार उन्हें फसल क्षति पूर्ति दे या बीमा कम्पनी उन्हें बीमा की राशि दे।जिस पर सरकार के मुखिया ने विचार का इश आश्वासन भी दिया है।पर देखना होगा राज्य सरकार 36गांव‌ के किसानों को कितना फायदा पहुंचाती है।

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