लोकेशन दल्ली राजहरा
दीपक देवांगन
लौह नगरी दल्ली राजहरा में बड़े धूमधाम से मनाया गया महाशिवरात्रि का पर्व
हर तरफ गुंजा ओम नमः शिवाय की धुन
दल्ली राजहरा के पूरे 27 वार्डों में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े धूमधाम से बनाया गया l कई जगह नवनिर्मित शिव चावरा पर आज महाशिवरात्रि को सर्व सिद्धि योग है l इसलिए शिवलिंग की स्थापना की गई l जिसमें वार्ड नंबर एक राजहरा बाबा मानस मंच के समीप तथा वार्ड नंबर 2 राजहरा बाबा तालाब के पास प्रमुख हैं l आज सुबह से ही लोगों का भगवान शिव की पूजा आराधना के लिए धतूरा के फूल फल फुंडहर के फूल फल बेल पत्री इकट्टा करने के लिए इधर-उधर घूम रहे थे l तो कई बच्चों के द्वारा इन्हें पहले से भी एकत्रित कर मंदिरों के सामने पसरा लगाकर बेचा जा रहा था l जिसमें कनेर के फूल फल धतूरा के फूल फल फ़ूड़हल के फूल फल गेंदे के फूल नारियल अगरबत्ती आदि पूजा सामग्री रखे गए थे l झरण माता मंदिर में शिव महापुराण कथा समाप्त होने पर विशाल भंडारा का आयोजन किया गया l चंडी माता मंदिर पेट्रोल टंकी के पास सुभाष चौक में भगवान शिव की पूजा आराधना हवन के बाद विशाल भंडारा का आयोजन किया गया है तथा गुप्ता चौक स्थित बजरंगबली और भगवान शिव के मंदिर में भी भंडारी का आयोजन किया जा रहा है l आज दल्ली राजहरा के चारों तरफ शिव भक्तों की भीड़ देखी जा रही है l हॉस्पिटल सेक्टर स्थित भगवान शिव के मंदिर में पूजा अर्चना रामायण पाठ रामनगर चौक के मंदिर में भी पूजा अर्चना तथा रामायण पाठ किया जा रहा है l शिव संस्कार धाम की ओर से महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम रखा गया था जिसमें कल भक्ती संगीत संध्या के बाद आज भगवान शंकर का पूजा आराधना हवन भंडारा तथा शाम 4 बजे भोले बाबा का बारात निकल गया l दल्ली राजहरा के हजारों महिला पुरुष एवं बच्चे इसमें सम्मिलित हुए l किसी ने भोले बाबा के दूतो का स्वांग रचा, तो किसी ने भक्ति में रम कर भोले बाबा के गीत संगीत की धुन पर नाचते रहे l यह बारात शिव संस्कार धाम से पेट्रोल पंप माइंस ऑफिस चौक सुभाष चौक पुराना बाजार , वीर नारायण सिंह चौक से शहीद शंकर गुहा नियोगी चौक बस स्टेशन होते हुए थाना चौक से वापस शिव संस्कार धाम पहुंचा l आज लोगों के द्वारा अपने घरों में भी स्थापित भगवान शंकर की पूजा आराधना की जा रही है l पुराणों में भी इस दिन का विशेष महत्व है l हिंदू धर्म में सबसे सरल और भोले स्वभाव के भगवान शिव को माना जाता है l एक ओर इनका भोले स्वभाव तो दूसरी ओर सती के वीरह में तांडव नृत्य करते विकराल रूप में महाकाल सब कुछ इस महादेव में समाया हुआ है l
भगवान शिव के पूजा के समय सबसे पहले उन पर जल चढ़ाया जाता है कहा जाता है कि समुद्र मंथन में निकले हलाहल विष का पान करने के कारण भगवान शिव का कंठ नीला हो गया था और विष के प्रभाव से उनका शरीर तप रहा था तथा शरीर के ताप को कम करने के लिए देवताओं ने शिवजी पर जल की धारा चढ़ाई l इसलिए शिवलिंग पर जल और दूध दही शहद गन्ने का रस आदि जैसे तरल पदार्थ चढ़कर पूजा की जाती है l हिंदू पंचांग के मुताबिक हर साल महाशिवरात्रि का त्योहार फागुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है l सनातन धर्म में महाशिवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व होता है इस पर्व पर पूरे दिन व्रत रखते हुए शिव मंदिरों में जलाभिषेक और विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं l कहा जाता है कि इस दिन भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती का विवाह हुआ था l इस दिन लोग मंदिरों में भगवान शिव के मन्त्रों का जाप उपवास तथा ध्यान रखते हुए पूरी रात जाकर गीत गाकर अपनी भक्ति दिखाते हैं आज के दिन भगवान शिव की बारात निकाली जाती है l

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