डोंगरगढ़ उप पंजीयक (रजिस्ट्री) ऑफिस भ्रष्टाचार के मुख्य जगह बना हुआ हैं।
ताजा मामला बेलगांव की हैं, जहां पर तिवारी वर्मा नामक व्यक्ति की जमीन रजिस्ट्री के लिए मौके पर फोटो खींचने आते हैं,किंतु उस 40डिसमिल जमीन की मेड नजर नहीं आ रही फोटो पर , चालीस डिसमिल जमीन की फोटो कोई भी तरफ से खींचे मेड बहुत पास से नजर आएगा,किंतु डोंगरगढ़ रजिस्ट्री ऑफिस के फॉर्मेलटी फोटो में नजर नहीं आ रहा हैं।
अधिकारी को धोखे में रखकर किया हुआ काम हैं,या फिर पंजीयक अधिकारी इस मिली भगत में शामिल हैं, यहां जांच का विषय हैं,
319/1 जमीन की लेनदेन 2005 में हो चुका था और वहां पर कोई मेड नहीं था,
और वह लेनदेन जमीन के बदले जमीन के द्वारा हुआ था किन्तु राजेश सिन्हा द्वारा कुटर्चित तरीके से इसे रजिस्ट्री कराया गया, पूनाबाई सिन्हा,पति धनुक सिन्हा की जमीन के बदले तिवारी से सौदा तय हुआ था और 319/1 की रजिस्ट्री करना बाकी था ,और यहां जमीन धनुक के सभी वारिसों का होना था ,किंतु राजेश सिन्हा द्वारा अकेल के नाम पर किया गया जो कि गलत हैं,
उस जगह की लेनदेन पहले हो जाने से उस जमीन की मेड 24 साल पहले खत्म हो गया हैं,अभी जिस जगह फोटो खींचा गया है बहुत बड़ी रकबा है और सामूहिक जमीन है, इस मामले में पटवारी की क्या रोल है ये जांच का विषय हैं।
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