काले कपड़े पहनकर सड़क पर उतरे पटवारी, शो-कॉज नोटिस जलाकर जताया विरोध
दुर्गूकोंदल, 22 अक्टूबर 2026। राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय आह्वान पर कांकेर जिले के पटवारी 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने जिला मुख्यालय में काले कपड़े पहनकर रैली निकाली और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से प्रशासन को अवगत कराया। इस दौरान शो-कॉज नोटिस की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में जिले की विभिन्न तहसीलों के पटवारी संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए।
पीवी एप से गिरदावरी कराने का विरोध
पटवारी संघ के अनुसार, राजस्व विभाग द्वारा फसल गिरदावरी के लिए नए पीवी एप के माध्यम से खेतों की तस्वीरें लेने, प्रत्येक खेत के चार फोटो अपलोड करने, खेतों के कोनों की लोकेशन दर्ज करने और पॉलीगन नक्शा तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। संघ का कहना है कि लाखों खसरों में इस प्रक्रिया को मौजूदा फसल सीजन के दौरान पूरा करना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन है। खेतों में पानी भरा होने, फसल लगी होने, जमीन के बंटवारे, कब्जे संबंधी विवाद और एक ही खसरे में कई टुकड़े होने जैसी समस्याओं के कारण निर्धारित समय में यह कार्य पूरा करना चुनौतीपूर्ण है।संघ ने बताया कि पहले डीसीएस सर्वे के अंतर्गत निजी सर्वेयर खेतों में जाकर फोटो और फसल संबंधी जानकारी दर्ज करते थे, जिसका पटवारियों द्वारा अनुमोदन किया जाता था। नई व्यवस्था लागू होने से कार्यभार बढ़ने की आशंका है। संघ ने किसान हित में इस वर्ष शासकीय भुइयां पोर्टल के माध्यम से पूर्व की तरह ऑनलाइन गिरदावरी दर्ज करने तथा आगामी वर्षों में नए एप की प्रक्रिया लागू करने की मांग की है। संघ का कहना है कि समय पर गिरदावरी नहीं होने से किसानों को धान विक्रय में परेशानी हो सकती है।
कार्रवाई के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन
पटवारी संघ का आरोप है कि विरोध के बावजूद प्रदेशभर में पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। बलौदाबाजार जिले में संघ के पदाधिकारियों के स्थानांतरण तथा महासमुंद जिले के पांच पटवारियों के निलंबन से कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ा। संघ ने चेतावनी दी है कि आंदोलन के कारण किसी पटवारी पर कार्रवाई होने की स्थिति में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी जाएगी।
पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
सघ की प्रमुख मांगों में गिरदावरी एप संबंधी समस्या का समाधान, साथियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई को वापस लेना या शिथिल करना, लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करना तथा वेतन विसंगति दूर करना शामिल है। संघ का कहना है कि कई पटवारी एक ही पद पर सेवाकाल पूरा कर सेवानिवृत्त हो जाते हैं। वहीं, वरिष्ठ और कनिष्ठ कर्मचारियों के वेतनमान से जुड़ी विसंगतियों का भी निराकरण जरूरी है।पटवारी संघ ने स्पष्ट किया कि हड़ताल की सूचना संबंधित तहसीलों और जिला प्रशासन को विधिवत दी जा चुकी है। इसके बावजूद बिना सूचना के हड़ताल करने के आधार पर कार्रवाई किए जाने का विरोध करते हुए जिलेभर के पटवारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
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