*स्कुली बच्चों को शिक्षकों ने बताया जलाशय क्यों जरूरी?*
रिपोर्ट --जयविलास शर्मा
*निजी बी एच एन एवं भारत माता हाईस्कूल अमलीपदर का शैक्षणिक भ्रमण
*गरियाबंद* --मैनपुर ब्लाक के अमलीपदर निजी स्कूल का शैक्षणिक भ्रमण बीते शनिवार को धुपकोट जलाशय में सम्पन्न हुआ। स्कुल के संचालक अब्दुल अख्तर के निर्देश पर स्कुल के प्राचार्य जशोवंत महापात्र और स्निगधामयी महापात्र के देखरेख में भ्रमण हुआ।इस भ्रमण में जहां बीएच एन स्कुल डोहल के प्राचार्य मिताली दास भी शामिल हुयी वहीं अमलीपदर के प्राचार्य जशोवंत महापात्र और शिक्षिका स्निगधामयी महापात्र ने स्कुली छात्र छात्राओ को जलाशय के महत्व और उपयोगिता के विषय पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं इस भ्रमण में धुपकोट जलाशय में स्कुली विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने सामूहिक भोज का भी आयोजन रखा था।इस अवसर पर अमलीपदर निजी स्कूल के सभी शिक्षक शिक्षिकायें भी उपस्थित थे।
*जलाशय की वह जानकारी जिससे बच्चे अनभिज्ञ थे उसे बताया शिक्षक ने*
देवभोग से लगभग 14किमी की दूरी पर 4 एकड़ 97 डिसमिल पर बना धुपकोट जलाशय सुकलीभांठा पुराना, नांगलदेही,धुपकोट, गोहरापदर चार गांवों के कृषि भूमि को सिंचित करता है।
बीएच एन एवं भारतमाता निजी हाईस्कुल के शैक्षणिक भ्रमण में धुपकोट जलाशय के बारे दी गयी जानकारी से विद्यार्थी भी अनभिज्ञ थे।
*जलाशय संतुलित जल स्तर के लिये जरूरी--महापात्र*
अमलीपदर निजी स्कुल के प्राचार्य जशोवंत महापात्र ने धुपकोट जलाशय शैक्षणिक भ्रमण में शामिल विद्यार्थीयों को जलाशय के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा जलाशय कृषि के लिये जितना उपयोगी है उससे ज्यादा कहीं जमीन के जल स्तर को बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों को जलाशय करीब से देखने और उसके फायदे को जानने का अवसर मिला है।


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