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Durgkondal: जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, दुर्गकोंदल में कृषि विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक सम्पन्न*

 *जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, दुर्गकोंदल में कृषि विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक सम्पन्न*

 

*किसानों की समृद्धि के लिए योजनाओं की जानकारी, सौर सूजला एवं पशुपालन विकास पर हुई विस्तृत चर्चा*



दुर्गकोंदल, 4 नवंबर 2025। कृषि विभाग दुर्गकोंदल द्वारा आज जनपद पंचायत सभागार में ब्लॉक स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष गोपी बढ़ाई ने की। बैठक में मुख्य रूप से क्षेत्र में चल रहे कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन से संबंधित शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा किसानों को इन्हें अधिक से अधिक अपनाने हेतु प्रेरित करने पर बल दिया गया।बैठक में सबसे पहले कृषि अधिकारियों ने ब्लॉक में संचालित जैविक खेती योजनाओं, खेत प्रदर्शन कार्यक्रमों तथा किसानों द्वारा अपनाई जाने वाली नवीन तकनीकों की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षण, बीज, खाद, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि रासायनिक खेती की तुलना में जैविक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरा क्षमता बढ़ाती है, बल्कि उत्पादन लागत भी कम करती है, जिससे किसान को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

इसी क्रम में सौर सूजला योजना पर भी विशेष चर्चा की गई। यह योजना किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा आधारित पंप उपलब्ध कराती है, जिससे बिजली या डीजल खर्च से मुक्ति मिलती है। बैठक में बताया गया कि सौर सूजला योजना का विस्तार करने से किसान सालभर सिंचाई कर सकेंगे और उत्पादन में वृद्धि होगी।किसान समृद्धि आत्मा योजना एवं उद्यानिकी विकास से संबंधित योजनाओं में फलदार पौधों, सब्जी उत्पादन तकनीक, ड्रिप सिंचाई जैसी उन्नत विधियों के लाभों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। पशुपालन के क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन, गोपालन, बकरा पालन और मुर्गी पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने का मुख्य साधन माना गया। इस दिशा में किसानों को प्रशिक्षण एवं अनुदान आधारित सहायता उपलब्ध करवाने की बात कही गई।इस कार्यक्रम में कृषि सभापति सुलोचना कोरेटी, कृषि समिति सदस्य हेमलता उईके, निर्मला कोवाची, रासालू गावड़े, रजमन कोवाची, सोमदेव कोरिटी, कृषि अधिकारी भेनूराम मरकाम, निरंजन नरेटी सहित ब्लॉक के सभी ग्रामसेवक एवं आरईओ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोहर चंद्रवंशी द्वारा किया गया।बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना तथा खेती, उद्यानिकी एवं पशुपालन को एक संयुक्त आर्थिक आधार के रूप में विकसित करना रहा।

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