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Gariiyaband: झाखरपारा पंचायत के कार्यों में भारी गड़बड़ी तेरह बिन्दु के शिकायत पर बैठा जांच*

 *झाखरपारा पंचायत के कार्यों में भारी गड़बड़ी तेरह बिन्दु के शिकायत पर बैठा जांच*


रिपोर्टर --जयविलास शर्मा 


*कलेक्टर के निर्देश पर जनपद पंचायत ने पांच सदस्यीय टीम गठित कर जांच को भेजा 



गरियाबंद --देवभोग विखं के झाखरपारा पंचायत इन दिनों अपने कार्यों के भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में है।ग्राम पंचायत के देवि सिंह ध्रुवा, विनोद ध्रुवा, भगवानों बेहेरा जदुराम सहित दर्जन भर ग्रामीणों ने सरपंच सचिव पर 15 वें वित्त विकास मद और मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी करने की शिकायत कलेक्टर से कर जांच और कारवाई की मांग की है जिसके बाद कलेक्टर भगवान दास उईके ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुये जांच के निर्देश दिये थे।जनपद पंचायत ने चार सदस्यीय टीम गठित कर मामले पर जांचकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे वहीं 03 नवम्बर को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के एसडीओ राधाकृष्ण शर्मा के नेतृत्व वाली जांच दल झाखरपारा पहुंचकर शिकायत के तेरह बिन्दुओं को जांच किया।शिकायता कर्ता जांच दल के बिन्दुबार जांच नहीं करने से नाराज़ हैं और जांच निष्पक्ष नहीं होने की स्थिति में कमीशनर और मंत्री से शिकायत करने का मन बना रहे हैं।


*कार्यों के गुणवत्ता पर भी सवाल और निर्माण कार्यों के सूचना पटल भी कहीं नहीं*


नियमानुसार पंचायत स्तर पर कोई भी कार्य की स्विकृति पश्चात कार्य प्रारंभ के पहले कार्य में पारदर्शिता लाने सूचना पटल निर्माण कराना या लेखन जरूरी होता है पर ग्राम पंचायत ने दर्जनभर से अधिक कार्य कराये पर कहीं भी सूचना पटल नहीं बनवाया। वहीं पीएम सडक से  घांसीराम के खेत के मेड़ में पुलिया निर्माण में 95575 रूपये और लियाहारी पारा पुलिया निर्माण में 136225 रूपये,केंदुवन में नाली निर्माण में 65000 रूपये ग्राम ने खर्च किये पर इन निर्माण कार्यों के गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिया निर्माण में ग्राम पंचायत ने गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा जैसे तैसे निर्माण तो कराया पर ग्रामीणों का आरोप है जिस मानक में निर्माण होना था नही कराया और ग्रामीण इसी का जांच चाहते हैं।


*सफाई के नाम लाखों खर्च पर गांव और आश्रित गांव के गलियारों में कचरे का आलम*


झाखरपारा ग्राम पंचायत में सरपंच छायाकांत सोनवानी और सचिव अर्जुन नायक ने सफाई के लिये 206300 रूपये खर्च कर दिये। ग्रामीणों को आपत्ति है सफाई के नाम केन्दूवन गली और झाखरपारा गली और झाखरपारा  के लियाहारी पारा सहित पटवारी भवन से मांडागांव हाईस्कूल पहुंच मार्ग के सफाई और जीर्णोद्धार में सरपंच सचिव ने जमकर धांधली किया है। ग्रामीणों का कहना है सफाई हुआ नहीं और राशि आहरण कर ग्राम पंचायत ने राशि हड़प लिया है ।


*फर्निचर्स और बीजली में भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया विकास मद*


ग्रामीण इस बात को लेकर भी  भारी नाराज हैं कि सरपंच सचिव ने बिना कार्य योजना और ग्रामसभा के पंचायत भवन में बीजली फिटींग के लिये 35802 रूपये और  कार्यालय फर्नीचर्स के लिये 31000 रूपये खर्च तो हुये पर खर्च के अनुपात बीजली फिटींग और फर्नीचर्स खरीदी नहीं हुयी है।जबकि फर्नीचर्स खरीदी के मामले पर केवल धरातल पर एक टेबल की खरीदी हुयी है बाकि जो भी फर्निचर्स ग्राम पंचायत में मौजूद हैं वो पुराने सरपंच के कार्यकाल का है।


*सफाई में खर्च के बाद हेंडपम्प के हालत जस के तस*


ग्राम पंचायत  में भ्रष्टाचार को हद तो तब हो गयी जब ग्राम सरकार ने झाखरपारा के वार्ड 11और 12 के नलकूप सफाई में 1948 रूपये खर्च तो कर दिये पर ग्रामीणों का आरोप है  सरपंच  सचिव ने हेंडपम्पों की सफाई कराया ही नहीं सीधा सीधा सफाई के नाम राशि हड़प लिया। ग्रामीणों का कहना है जिस नलकुप की सफाई की बात ग्राम पंचायत कर रही है वहां जमा पानी और कीचड़ पार कर स्कूली छात्र छात्राएं स्कुल पढ़ने जाते हैं।


*साप्ताहिक बाजार के दो लाख कहां गये इस बात का जबाब ना सरपंच ना सचिव के पास*


झाखरपारा के शनिवार सप्ताहिक बाजार की निलामी हर साल होती है सालभर के लिये चार से पांच लाख रूपये तक निवासी की राशि पंचायत को मिलता है ग्रामीणों के अनुसार इस बार भी 4 लाख 65 हजार रूपये में निवासी की गयी पर आरोप है ग्राम पंचायत ने निवासी राशि को 2.65 लाख ही बताया गया और  कुल निलामी राशि में दो लाख रूपये की हेराफेरी की गयी है। सप्ताहिक बाजार ठेकेदार कमल मरकाम और भगवानों नागेश ने पंचायत को निलामी की पूरी राशि 4.65 लाख भुगतान कर दिया है जिसमें  ग्राम पंचायत 1.20 लाख जमा बता रही हैं ग्रामीणों का आरोप है ग्राम पंचायत  सप्ताहिक बाजार ठेका में धांधली किया है जबकि सरपंच सचिव इस आरोप को इंकार कर रहे हैं।


*मितानीन दिवस का समय आया नहीं और पंचायत ने खर्च कर दिये राशि*


23 नवम्बर मितानीन दिवस का तिथि निर्धारित है पंचायत चुनाव जनवरी को हुये कहने का मतलब ये है कि अभी नवम्बर 23 आया नहीं और ग्राम पंचायत झाखरपारा के सरपंच सचिव ने मितानीन के लिये 15000 रूपये खर्च कर दिये जब इस संबंध में सचिव अर्जुन नायक से जानकारी ली गयी तो उन्होंने ने इसे पूर्व सरपंच द्वारा किये गये खर्च बताकर टाल दिया गया।


*पंचायत के शिकायत का निष्पक्ष जांच होगी सारे रिकॉर्ड  जप्त कर लिये गये है जांच उपरांत जनपद पंचायत सीईओ को रिपोर्ट पेश कर दी जायेगी यदि सरपंच सचिव दोषी पाये जाते है तो कारवाई होगी*--राधाकृष्ण शर्मा जांच अधिकारी एवं एसडीओ आर ई एस जनपद पंचायत देवभोग

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