हाईकोर्ट के फैसले के परिपालन की मांग को लेकर शिक्षकों की हुंकार, SDM कुसमी को सौंपा गया ज्ञापन.।
संवाददाता:-अरविंद कुमार बेक
बलरामपुर/कुसमी। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, ब्लॉक इकाई कुसमी द्वारा आज माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर के ऐतिहासिक निर्णय के परिपालन की मांग को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी के माध्यम से मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष श्री दीपक सिन्हा के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने एकजुट होकर संविलियन पूर्व सेवा को जोड़ते हुए पेंशन निर्धारण की पुरजोर मांग की।
क्या है पूरा मामला:
ब्लॉक अध्यक्ष श्री दीपक सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा दिनांक 23.01.2026 को WPS 647/2021 एवं अन्य याचिकाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संविलियन से पूर्व शिक्षकों द्वारा दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को अप्रासंगिक मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने पेंशन को कल्याणकारी उपाय एवं स्थगित पारिश्रमिक बताते हुए राज्य शासन को यह निर्देशित किया है कि सेवा की निरंतरता, कर्तव्यों की प्रकृति तथा समानता के अधिकार को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर पुनर्विचार कर आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।
संघ की प्रमुख मांग:
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए संविलियन पूर्व सेवा को पेंशन योग्य सेवा मानते हुए तत्काल स्पष्ट एवं प्रभावी आदेश जारी किया जाए।
चेतावनी:
शिक्षकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शासन द्वारा शीघ्र ही न्यायालय के आदेश के अनुरूप निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन चरणबद्ध एवं उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।
उपस्थित शिक्षक प्रतिनिधि:
इस अवसर पर प्रमुख रूप से ब्लॉक अध्यक्ष दीपक सिन्हा, जिला महामंत्री राजेन्द्र यादव, ब्लॉक सचिव शैलेन्द्र गुप्ता, ब्लॉक संयोजक अजय गुप्ता, सतीश भगत, उपाध्यक्ष उमेश गुप्ता, प्रवक्ता अमर यादव, सुंदरू राम, वासुराम किंडो, ऊषा सिंह, मैत्रावती पैंकरा, संतोष दुबे, विजय गुप्ता, अजित सिंह, प्रियंका तिवारी, अविनाश सिंह, मुकेश यादव, रामचंद्र राम, संतोष गुप्ता, शांति भगत सहित सैकड़ों शिक्षक साथी उपस्थित रहे


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