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RAJNANDGAON: डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल का तीखा हमला: "सुशासन तिहार जनता के लिए सिर्फ एक ऊपरी दिखावा, दूर के ढोल सुहाने

 डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल का तीखा हमला: "सुशासन तिहार जनता के लिए सिर्फ एक ऊपरी दिखावा, दूर के ढोल सुहाने

डोंगरगढ़ विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम तिलई में आज 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल मुख्य रूप से सम्मिलित हुईं। कार्यक्रम के दौरान जब विधायक ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का बारीकी से निरीक्षण किया, तो जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही थी। जनता की समस्याओं को सुनने के बाद विधायक बघेल शासन-प्रशासन पर जमकर बरसीं और इस आयोजन को महज एक खोखला दिखावा करार दिया।

कागजों में सिमट कर रह जाती हैं जनता की परेशानियां

​मंच से जनता को संबोधित करते हुए विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा कि वैसे तो यह योजना कागजों में बहुत सराहनीय दिखती है, क्योंकि इसके माध्यम से आम लोगों से सीधा संवाद करने और उनकी मांगों व परेशानियों को जानने का मौका मिलता है। लेकिन सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि जनता की जो भी परेशानियां और शिकायतें यहाँ दर्ज की जाती हैं, वे केवल कागजों तक ही सिमट कर रह जाती हैं। जिससे आम जनता की उम्मीदों को गहरी ठेस पहुंचती है। शासन को ऐसा रवैया छोड़कर समस्याओं का उचित और त्वरित निवारण करना चाहिए, ताकि लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।



स्टालों के निरीक्षण में खुली पोल: महतारी वंदन योजना के नाम पर माताओं-बहनों से ठगी

​विधायक ने बताया कि जब उन्होंने खुद सभी स्टालों का निरीक्षण किया, तो आवास, बिजली, पानी और महतारी वंदन योजना को लेकर भारी अव्यवस्था और शिकायतें सामने आईं।

​महतारी वंदन योजना पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा:

​"महतारी वंदन एक ऐसी योजना है, जिसका लाभ हर विवाहित महिला दीदी को मिलना चाहिए। लेकिन वर्तमान शासन 'पोर्टल नहीं खुलने' का तकनीकी हवाला देकर हमारी बहनों को उनके हक से वंचित करने का काम कर रहा है। अगर नई बहु-बेटियों का पोर्टल नहीं खुला है, तो बात समझ आती है। लेकिन यहाँ तो कई ऐसी वृद्ध महिलाएं हैं जो बहुत समय से निवास कर रही हैं, उनका भी पोर्टल नहीं खुला है। यह हमारी वृद्ध माताओं के साथ सीधा-सीधा धोखा और ठगी है।"

​उन्होंने आगे वित्तीय विसंगतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वृद्ध महिलाओं को महतारी वंदन और वृद्धावस्था पेंशन, दोनों की पूरी राशि मिलनी चाहिए। लेकिन सरकार चालाकी से दोनों को मिलाकर केवल 1000 रुपये थमा रही है, जो कि बुजुर्गों के साथ सरासर अन्याय है।

दो साल से वही पुरानी मांगें: "दूर के ढोल सुहाने, पास जाकर देखो तो ढोल फटा"

​ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष अपनी आपबीती सुनाते हुए शिकायत की कि वे पिछले दो वर्षों से लगातार इस तथाकथित सुशासन तिहार के माध्यम से बिजली, पानी, सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग रख रहे हैं। लेकिन हर बार आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता। आज भी ग्रामीण वही पुरानी मांगें लेकर दोबारा इस शिविर में पहुंचे हुए हैं।

​इस स्थिति पर कटाक्ष करते हुए विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा:

​"दो साल बाद भी अगर जनता को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए दोबारा लाइन में लगना पड़ रहा है, तो इससे यही साबित होता है कि 'सुशासन तिहार' पूरी तरह से फ्लॉप है। यह सुशासन के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकने का एक ऊपरी दिखावा मात्र है। इसके लिए वही कहावत सटीक बैठती है कि— 'दूर के ढोल सुहाने लगते हैं, लेकिन जब पास जाकर देखो तो वह ढोल फटा हुआ निकलता है।'"

विधायक की चेतावनी: जनता के हक के लिए सड़क से सदन तक लड़ेंगे

​विधायक बघेल ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को बेवकूफ बनाने का यह खेल अब और नहीं चलेगा। यदि इस सुशासन तिहार में आए हुए आवेदनों और समस्याओं का निराकरण समय सीमा के भीतर नहीं किया गया, तो वे जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगी। सरकार को इवेंटबाजी छोड़कर जनता की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।

विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा हाल ही में अभी किसानों के साथ इतना अन्याय अत्याचार किया जा रहा है ना तो किसानों को खाद्य की सुविधा दी जा रही है नही बीज व लोन राशि की जिससे किसान बहुत ज्यादा परेशान है और आप है कि शुसासन तिहार का ढिंढोरा पिट रहे है

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