थाना बागनदी जिला राजनांदगांव
मवेशी तस्करों के विरुद्ध थाना बागनदी पुलिस की प्रभावी कार्यवाही।
गौवंशीय मवेशियों को बुचड़खाना ले जा रहे अशोक लीलैंड पिकअप वाहन को पकड़ने में सफलता।
05 नग गौवंशीय मवेशी कीमती लगभग ₹25,000/- एवं परिवहन में प्रयुक्त 01 अशोक लीलैंड पिकअप वाहन कीमती ₹7,00,000/- सहित कुल मशरूका ₹7,25,000/- जप्त।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
अक्षय अशोक तुरकर, पिता अशोक तुरकर, उम्र 24 वर्ष, निवासी मरामजोब, पोस्ट पाण्ढरवानी, थाना साल्हेकसा, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र)
फिरतु कंवर, पिता लखन कंवर, उम्र 55 वर्ष, निवासी मांगीखुंटा, थाना बोरतलाव
पुरूषोत्तम नाईक, पिता गोपाल नाईक, उम्र 45 वर्ष, निवासी मरामजोब, पोस्ट पाण्ढरवानी, थाना साल्हेकसा, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र)
विवरण
दिनांक 25.05.2026 को पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगढ़ केसरीनंदन नायक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में थाना बागनदी पुलिस द्वारा मवेशी तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया।
कार्यवाही के दौरान रात्रि में छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र की ओर 05 नग कृषक गौवंशीय मवेशियों (04 बैल एवं 01 गाय) को अशोक लीलैंड पिकअप वाहन क्रमांक CG 37 J 3903 में भरकर ले जाया जा रहा था। पुलिस टीम द्वारा कोठीटोला कैम्प के सामने बैरिकेडिंग कर वाहन को घेराबंदी कर रोका गया।
वाहन की जांच करने पर पाया गया कि मवेशियों के पैर एवं गले को बेरहमीपूर्वक बांधकर उन्हें दर्द एवं पीड़ा पहुंचाते हुए बिना किसी वैध अनुज्ञा पत्र के महाराष्ट्र की ओर बुचड़खाना ले जाया जा रहा था। पुलिस द्वारा मौके पर 05 नग गौवंशीय मवेशी कीमती ₹25,000/- एवं परिवहन में प्रयुक्त अशोक लीलैंड पिकअप वाहन कीमती ₹7,00,000/- सहित कुल मशरूका ₹7,25,000/- जप्त किया गया।
आरोपियों अक्षय अशोक तुरकर, फिरतु कंवर एवं पुरूषोत्तम नाईक के विरुद्ध अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 4, 6, 10 छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004, धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 एवं धारा 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
मामले में संलिप्त अन्य आरोपी की पतासाजी कर उनके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
सराहनीय योगदान
इस कार्यवाही में निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, प्रधान आरक्षक संतोष मिश्रा, पूरन पटेल, भीपेन्द्र ठाकुर, आरक्षक भूपेन्द्र तुमरेकी, टाकेश्वर पटेल एवं विद्याधर मांझी का सराहनीय योगदान रहा।

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