*मादा भालू की मौत पर संदेह पतासाजी में जुटी वन विभाग*
रिपोर्ट --जयविलास शर्मा
*भालू के मौत पर सस्पेंस बरकरार पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगा मौत का राज
गरियाबंद --बीते रविवार को इंदागांव ध्रुवागुड़ी वफर क्षेत्र के अंतर्गत कक्ष 1243 खोखमा जंगल में अचानक एक मादा भालु की मौत ने वन विभाग को सस्पेंस में डाल दिया है। जहां वन विभाग भालु के मौत को लेकर पतासाजी में जुट गयी है वहां वन विभाग को पोटाश बम से शिकार करने का संदेह भी है।मादा भालू के मौत का पता तब चला जब खोखमा के चरवाहा ने सोमवार को मवेशी चराते वक्त देखा उसने इसकी जानकारी वन कर्मचारी को दी।सूचना के बाद इंदागांव की फारेस्ट टीम मौके पर पहुंच कर इसकी जांच शुरू कर दी और भावुक के मौत की जानकारी उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व गरियाबंद को दी।मादा भालू के इस तरह अचानक हुये मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया है और मौत के कारण के तलाश में जुट गयी है।
*पोटाश बम से शिकार शिकारी यों का पुराना तरीका*
पोटाश बम से जंगली जानवरों का शिकार करना शिकारीयों का कोई नया खेल नहीं है इंदागांव और देवभोग वन परिक्षेत्र ओडिशा का सीमावर्ती क्षेत्र होने से शिकारी आये दिन क्षेत्र के जंगलों में लकड़ी की तस्करी, वन्य प्राणी अपराध को आसानी से अंजाम देते हैं।चुंकि मादा भालु दो से ढाई साल के उम्र का है इसलिये वन विभाग को पोटाश बम से शिकार करने का संदेह है।वही भालु के जबड़े पर गम्भीर चोट है और आगे के दोनों पैरों के नाखुन भी गायब है।
*डाग स्क्वायड टीम भी मदद नहीं कर सकी, विभाग पोटोश बम बेचने वालों की कर रही पतासाजी*
मालुम के मौत की सूचना के बाद उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन ने डीएफओ जंगल सफारी रायपुर रणवीर घमशील और डीएफओ कांकेर आलोक बाजपेयी से चर्चा कर उनसे डाग स्क्वायड टीम की मदद ली गयी वन विभाग को डाग स्क्वायड से भी कोई कारगर सफलता नहीं मिला।इधर वनविभाग की उदन्ती टाईगर रिजर्व की एन्टीपोचिंग टीम पोटाश बम बनाने और बेचने वाले के पतासाजी में जुट गयी है।
*पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का रहस्य,अज्ञात आरोपी पर मामला दर्ज*
वही 9 अप्रैल को विवेचना पंचनामे और पोस्टमार्टम के बाद मृत मादा भालू का शव को दाह कर दिया गया।मृत मालुम के शव का दो पशु चिकित्सकों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया। मौत की असली वजह का पता अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर ही टीका हुया है।
*साईबर सेल की मदद लेगी वन विभाग*
इंदागांव वन परिक्षेत्र के अधिकारी सुशील सागर से जब इस संबंध में बात की गयी तो उन्होंने ने बताया भालु के मौत को लेकर जहां पोटाश बम बनाने वालों की पतासाजी एन्टीपोचिंग टीम कर रही तो वहीं विभाग आसपास के गांव में पूछताछ कर रही है मगर अभी तक आरोपी का पता नहीं हो सका आगे विभाग साईबर सेल की मदद भी ले सकती है

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