लोकेशन बालोद
संजय कुमार
बालोद में कानून को ठेंगा!
शहर के बीचों-बीच फल-फूल रहा जुआ, सट्टा और अवैध शराब का कारोबार — आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह खेल?
बालोद।
त्योहारों का मौसम आते ही बालोद में एक बार फिर अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद नज़र आ रहे हैं। शहर के बीचों-बीच खुलेआम जुआ, सट्टा और दारू का धंधा चल रहा है। बावनपरी जैसे खेलों में लाखों के दांव लगाए जा रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन खामोश नज़र आ रहे हैं।
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है। कुछ प्रभावशाली लोगों और कथित संरक्षण के चलते यह अवैध गतिविधियाँ लगातार फल-फूल रही हैं। रात के अंधेरे में चलने वाला यह गोरखधंधा अब खुलेआम सड़कों और मोहल्लों तक पहुंच चुका है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। युवाओं को जुए-सट्टे की लत लग रही है और सामाजिक माहौल बिगड़ता जा रहा है।
अब जनता पूछ रही है —
“जब सब कुछ खुलेआम हो रहा है, तो आखिर पुलिस और प्रशासन की आंखों पर पर्दा क्यों?”
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