*वेतन वृद्धि को लेकर भड़का सहकारी बैंक कर्मचारी संघ, 17 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान*
*11 नवंबर को सभी कर्मचारी रहेंगे सामूहिक अवकाश पर, चरणबद्ध आंदोलन जारी*
दुर्गूकोदल, 10 नवंबर 2025।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी संघ, बस्तर संभाग ने पांच वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार निवेदन, ज्ञापन और वार्ताओं के बावजूद शासन और पंजीयक कार्यालयों की उदासीनता के चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनने पर मजबूर होना पड़ा है।आंदोलन 07 नवंबर 2025 से प्रारंभ हो चुका है। इस अवधि में कर्मचारी कार्यालय में काली पट्टी धारण कर कार्य कर रहे हैं, और प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से 3:00 बजे तक नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
संघ के सदस्य अभिषेक मिश्रा एवं अब्दुल रजाक खान ने बताया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 नवंबर 2025 को सुबह 10:30 बजे से 12:30 बजे तक कलमबंद हड़ताल की गई, जिसके दौरान बैंकिंग सेवाएँ पूरी तरह ठप रहीं।11 नवंबर 2025 को समस्त कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर प्रधान कार्यालय, जिला सहकारी बैंक, जगदलपुर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।सबसे गंभीर चरण 17 नवंबर 2025 से शुरू होगा, जब संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल वेतन वृद्धि स्वीकृत होने तक जारी रहेगी।कर्मचारियों का कहना है कि वेतन पुनरीक्षण का प्रस्ताव बहुत समय से लंबित है, बावजूद इसके शासन द्वारा कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि “बार-बार अवगत कराने के बावजूद हमारी मांगें नजरअंदाज की जा रही हैं।"
संघ ने यह भी आगाह किया है कि यदि समय रहते मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो इसका प्रभाव धान खरीदी व्यवस्था, ऋण वितरण और अन्य महत्वपूर्ण बैंकिंग गतिविधियों पर पड़ेगा। इससे किसानों, सहकारी समितियों और आमउपभोक्ताओं को गंभीर का सामना करना पड़ सकता है।कर्मचारियों ने सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की है ताकि सेवाएँ सामान्य रूप से चलती रहें और आम जनता असुविधा से बच सके।

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