*ऐ्सा क्यों हो रहा दो तहसील में दो गांव का एक ही नाम पर किसानों का पंजीयन अटका?*
रिपोर्टर --जयविलास शर्मा
*अंततः जिपं अध्यक्ष गौरीशंकर को सुलझाना पड़ा समस्या
गरियाबंद --गरियाबंद के अमलीपदर को तहसील बने जुम्मे जुम्मे सालभर हो रहा है और अमलीपदर तहसील के सालेभांठा के 80 से अधिक किसानों का एग्रीटेक इसलिये नहीं हो पा रहा है क्योंकि इस गांव का आई डी पंजीयन पोर्टल में 0002 तो है पर लाग इन करते ही मैनपुर सालहेभांठा में वो हो जाता है जबकि मैनपुर के समनामी गांव सालहेभांठा का आई डी 0068 है।ऐसा होना क्या तकनिकी त्रृटि है या प्रशासनिक अकर्मण्यता ये किसान के ज़ेहन का सवाल बन गया है।
*खरीदी नजदीक क्या गांव के किसान उपार्जन बेचने हो जायेंगे वंचित?*
सरकार समर्थन मूल्य पर 15 नवम्बर से धान खरीदी करने वाली है ऐसे में अमलीपदर तहसील के सालेभांठा के 80 से ज्यादा किसानों का अभी तक पोर्टल पंजीयन एग्रीटेक नहीं हो सका है ऐसे में किसान को चिंता है समस्या बहुत गम्भीर है किसान कभी पटवारी तो कभी तहसील कार्यालय का चक्कर काटकर तक हार चुके थे ऐसे में किसानों के इस समस्या का अभी तक निराकरण नहीं हो सका है।
*जिपं अधयक्ष से ग्रामीणों को उम्मीद पहले के बाद समस्या सुलझाने लगा*
बीते गुरुवार को जिपं अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप एग्रीटेक वाली समस्या को लेकर पिडित किसानों के साथ तहसील कार्यालय पहुंच कर जहां तहसीलदार सुशील कुमार भोई को सुधार के आवश्यक निर्देश दिये वहीं एसडीएम डॉ तुलसीदास मरकाम से लगातार बात कर दो तहसील के दो गांव के एक ही नाम के तकनिकी समस्या को हल कराया है।
*जिपं अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद प्रकिया धड़ल्ले से चल रहा*
मामले पर जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप के हस्तक्षेप के बाद तहसीलदार ने गांव के चौकस सेंटर के आपरेटरों को पंजीयन कार्य के लिये तैनात किया है। पंजीकरण प्रक्रिया दोपहर एक बजे से देर रात तक चलती रही तहसीलदार सुशील कुमार भोई ने बताया जिपं अध्यक्ष के पहले के बाद अमलीपदर साल्हेभांठा के छुटे 80 किसानों में से 38 किसानों का पंजीयन एप्रुवल हो चुका है वंचित किसानों की सूची तैयार की जा रही है संभव है 48 घंटे के भीतर पूर्ण हो जायेगा।
*गुस्सायें जिपं अध्यक्ष ने कहां कृषि क्षेत्र में प्रशासनिक त्रृटि बर्दाश्त नहीं*
किसानों के एग्रीटेक मामले पर स्थानीय प्रशासन के तकनिक त्रृटि पर गुस्सायें जिपं अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप ने कहां किसानों के साथ इस प्रकार की त्रृटि अक्षम्य है समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नजदीक है और ऐसे में अब तक किसानों का एग्रीटेक रूक जाना कहीं ना कहीं प्रशासन की कमजोरी को दर्शाता है। दोनों तहसील के स्थानीय अधिकारी आपस में बैठकर समस्या को सुलझा लें तो अच्छी बात होगा।

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