Ticker

6/recent/ticker-posts

GARIYABAND: गरियाबंद पुलिस की प्रवासियों और संदिग्धों पर नकेल डालने "जन चेतना से जन सुरक्षा" अभियान शुरू

 गरियाबंद पुलिस की प्रवासियों और संदिग्धों पर नकेल डालने "जन चेतना से जन सुरक्षा" अभियान शुरू


*एसपी ने कहा सूचना देना जनता का नागरिक कर्तव्य जिलेभर में टोल फ्री नम्बर जारी


देवभोग --गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है इस अभियान को जन सूचना से  जन सुरक्षा का नाम दिया गया है इसके तहत गरियाबंद पुलिस के द्वारा जिले के नागरिकों से सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने आव्हान किया है।अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों और संदिग्धों की जानकारी जनता के बीच से पुलिस तक पहुंचे इसके लिये गरियाबंद पुलिस ने 1800 233 1905 टोल फ्री नम्बर जारी किया है वहीं संदिग्धों और प्रवासीयों की सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान को भी गुप्त रखने की बात कही है।



प्रवासियों के जिला क्षेत्र में निवास करने के क्या है नियम?


प्रवासियों को किसी भी क्षेत्र में निवास करने के लिये स्थानीय पुलिस थाने या चौकी में मुशाफिरी दर्ज कराना होता अपने भारतीय नागरिकता होने के  वैध दस्तावेजों  का परीक्षण कराना होता है अगर प्रवासियों के द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है तो अवैध माना जाता है।इस तरह अवैध रूप से जिला में निवास कर रहे प्रवासियों और संदिग्धों पर रोक लगाने गरियाबंद पुलिस ने इस अभियान को चलाया है।मकान मालिकों को बाहर के व्यक्ति को कमरा किराये पर चढ़ाने से पहले अपने किरायेदारों के आईडी पुलिस से सत्यापन कराना जरूरी होता है।


आखिर पुलिस को जन सूचना से जन सुरक्षा अभियान चलाने की जरूरत क्यों पड़ी?


अपराध हो या कोई घटना पुलिस की कारवाई में तथा क्षेत्र और जनता की सुरक्षा के लिये जनता का सहयोग  जरूरी होता है जिला में वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों की बाहुलता के चलते अवैध कारोबार में अन्य राज्यों के कारोबारियों का कनेक्शन होना,संदेही और प्रवासी कोई घटना को घटीत ना करें इस रोकने पुलिस और जनता के बीच सूचना का आदान प्रदान महत्वपूर्ण कड़ी होता है इसलिये सुबे के मुखिया ने नया अभियान चलाकर ऐसे  लोगों को चिन्हांकित कर पुलिस को इसकी सूचना देने के लिये जनता से अपील किया है।अपराध मुक्त गरियाबंद के लिये पुलिस का ये अभियान जन सूचना से ही संभव है।


किरायादारों के लिये समाधान एप का उपयोग जरूरी


किरायादारों के वेरीफिकेशन की सभी प्रकिया को आसान करने के लिये गरियाबंद पुलिस ने समाधान एप का उपयोग अनिवार्य किया है।मकान मालिक इस डिजीटल माध्यम से घर बैठे ही अपने किरायादारों की जानकारी दर्ज कर सत्यापन प्रक्रिया को पूरा कर सकतें हैं।पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन न कराना कानूनी अपराध होगा इसलिये मकान मालिक को‌ सुरक्षा के दृष्टिगत सत्यापन प्रक्रिया जल्द पूर्ण कराना पड़ेगा।

Post a Comment

0 Comments