सरपंच और सचिव द्वारा 15 वें वित्त राशि से लाखों रुपए का किया गया बंदरबाट
ग्रामीणों के निवेदन पर शासन - प्रशासन से की गई शिकायत
जनपद पंचायत सीईओ द्वारा जांच कमेटी बनाई जाएगी एसडीएम अक्षय दोषी
3 स्वचालित ई रिक्शा पंचायत में उपलब्ध रहने के बावजूद कचरा उठाने ट्रैक्टर लगाया गया
गांव देहात में कहां से आएगा जीएसटी बिल - सचिव ग्राम पंचायत बेलगांव
मामला - ग्राम पंचायत बेलगांव का
डोंगरगढ़ । ग्राम पंचायत बेलगांव के सरपंच और सचिव द्वारा 15 वित की राशि से मात्र दो प्रकार के कार्यों में ही 9 लाख से अधिक की राशि खर्च होना दर्शाकर,फर्जी बिल वाउचर लगाकर राशि का बंदर बाट किया गया।मार्च, मई एवं जून 2025 में ही मात्र पानी सप्लाई के नाम से ही 2 लाख 67 हजार रुपए का आहरण किया गया। 3 नग स्वचालित ई रिक्शा पंचायत में उपलब्ध होने के बावजूद,कचरा सफाई के नाम से 2 लाख 63 हजार रुपए ठेकेदार को और मजदूर से कचरा सफाई का कार्य कराने के नाम से लगभग 2 लाख रुपए का भुगतान किया गया। उसमें भी फर्जी बिल वाउचर लगाकर मजदूरों के नाम से एक माह में दो बार भुगतान लिया गया।शासन द्वारा स्वीकृत अन्य निर्माण कार्य (गोस्वामी समाज सामुदायिक भवन का आहता निर्माण) में भी नीव खोदाई का कार्य किए जाने के नाम से हजारों रुपए का बिल लगाकर भुगतान किया गया। आवेदक द्वारा एसडीएम से की गई शिकायत में राशि भुगतान को लेकर अनेक आपत्तियां लगाई गई है। एसडीएम द्वारा निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए,एसडी एम ने कहा है कि अति शीघ्र जनपद पंचायत सीईओ द्वारा जांच कमेटी बनाई जाएगी।
प्राप्त दस्तावेज के अनुसार ग्राम बेलगांव निवासी लेखराम साहू पिता छबील साहू ( पूर्व सरपंच) एवं वरिष्ठ भाजपा नेता के फर्म के नाम से संपूर्ण राशि का भुगतान किया गया।यह फर्म जीएसटी धारित फर्म है। किंतु इन्होंने बिना जीएसटी का बिल पंचायत में लगाया है। इसके अलावा लेख राम साहू द्वारा दिए गए 35000 एवं 30000 के बिल में तिथि का उल्लेख नहीं किया गया, और पंचायत द्वारा भुगतान कर दिया गया। इसमें से दो बिल ऐसे है जिसका क्रमांक और दिनांक एक ही है, किंतु दोनों का भुगतान अलग-अलग मद के कार्यों के नाम पर कर दिया गया। एसडीएम से निवेदन किया गया है कि भारत सरकार द्वारा 15 वित्त के लिए जारी की गई गाइडलाइन में बिल भुगतान और निर्माण कार्य के संबंध में विभिन्न मदो में खर्च करने का प्रावधान दिया गया है। एवं जो भी बिल लगेगा वहां जीएसटी वाला होगा, का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। किंतु ग्राम पंचायत बेलगांव के सरपंच/ सचिव द्वारा पेयजल सप्लाई एवं कचरा उठाने के नाम से ही दो वित्तीय वर्ष के 10 माह में लगभग 9 लाख रुपए खर्च होना दर्शाया गया है और जो बिल लगाया गया है जीएसटी वाला नहीं है। इसके अलावा इनके द्वारा किए गए कृत्य से आवश्यक निर्माण कार्य एवं अधो संरचना के अंतर्गत आने वाले अनेक कार्य प्रभावित हुए हैं। प्रशासन से निवेदन किया गया है कि उक्त मामले की निष्पक्ष जांच करा कर दोषी सरपंच/ सचिव एवं अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जावे।
जनपद पंचायत सीईओ द्वारा जांच कमेटी बनाई जाएगी एसडीएम अक्षय दोषी
नव नियुक्त एसडीएम अक्षय जोशी (आई ए एस) द्वारा बताया गया कि शिकायत की जांच जनपद पंचायत सीईओ द्वारा नियुक्त जांच कमेटी करेगी। मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए एसडीएम द्वारा आवेदक को आश्वस्त किया गया की अति शीघ्र जांच कराई जाएगी ।
गांव देहात में कहां से आएगा जीएसटी बिल - सचिव ग्राम पंचायत बेलगांव
ग्राम पंचायत सचिव धीरेंद्र का कहना है कि गांव देहात में जीएसटी वाला बिल कहां मिलता है। वहीं दूसरी ओर सचिव द्वारा जीएसटी धारित फर्म वाले लेखराम साहू से कार्य लेना दर्शाकर बिना जीएसटी वाला बिल लगाया गया।


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