जिला शिक्षा अधिकारी ने दुर्गूकोंदल का किया दौरा, शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए दिए दिशा-निर्देश
दुर्गूकोंदल। विकासखण्ड दुर्गूकोंदल में शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश निषाद का आगमन हुआ। इस अवसर पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री एस.पी. कोसरे, एबीईओ श्री अंजनी मण्डावी, बीआरसी श्री लतीप सोम, संकुल प्राचार्य श्री बाबूलाल कोमरे, प्राचार्य हेमंत श्रीवास्तव, व्यायाम शिक्षक राजेश कुर्रे, व्याख्याता संजय वस्त्राकार सहित समस्त प्राचार्य उपस्थित रहे।अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय ढंग से किया गया। कार्यक्रम में बीईओ भानुप्रतापपुर श्री सदेसिंह कोमरे भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस अवसर पर विकासखण्ड में संचालित “परिवार स्वरूप संस्था” की सराहना करते हुए कहा कि अध्ययन स्तर और अन्य गतिविधियों में प्राप्त परिणाम प्रशंसनीय हैं।उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए निर्देश दिए कि सभी प्राचार्य अनुशासनपूर्वक कार्य करें तथा विद्यालयों में नियंत्रण बनाए रखें। उन्होंने संकुल प्राचार्यों से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से विद्यालयों का दौरा करें और बच्चों की पढ़ाई के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सतत प्रयास करें।
बैठक के दौरान विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री एस.पी. कोसरे ने शिक्षा के विकास और विस्तार हेतु संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि विकासखण्ड स्तर पर शैक्षिक गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की प्रगति और विद्यालयों की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर श्री रमेश निषाद ने स्पष्ट किया कि सभी प्राचार्य प्रार्थना सभा एवं बैठकों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सीएसी चार दिन शिक्षण कार्य करें और शेष दो दिन मीटिंग व शासकीय कार्यों में भाग लें। शासन के निर्देशों और अनुशासन का पालन करते हुए सभी शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके।
जिला शिक्षा अधिकारी ने आगे कहा कि यदि शिक्षकसकारात्मक वातावरण बनाकर निष्ठा से कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से उत्तम परिणाम आएंगे। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की क्षमता पहचानने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं (जेईई, नीट, एनडीए) तथा खेल प्रतियोगिताओं के लिए प्रेरित करने की सलाह दी।श्री निषाद ने कहा कि “गुरुओं का सम्मान, बच्चों की मेहनत और शिक्षकों की जागरूकता ही शिक्षा को साधन बनाकर समाज में परिवर्तन ला सकती है।” इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों को कैरियर मार्गदर्शिका बुकलेट भी वितरित की।कार्यक्रम के अंत में एबीईओ अंजनी मण्डावी ने आभार व्यक्त करते हुए विकासखण्ड की निरंतर प्रगति और शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का भरोसा दिलाया।

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