नशा मुक्त भारत अभियान के तहत कोदापाखा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
*छात्रों ने ली नशा मुक्त जीवन की शपथ*,
*औषधालय प्रभारी डॉ. के. व्ही. गोपाल ने बताया नशे के दुष्प्रभाव*
दुर्गूकोदल। शासकीय आयुर्वेद औषधालय कोदापाखा के तत्वावधान में “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत आज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास कोदापाखा तथा हाई स्कूल कोदापाखा के परिसर में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों में मादक पदार्थों के सेवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।कार्यक्रम की अध्यक्षता औषधालय प्रभारी डॉ. के. व्ही. गोपाल ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “नशा मुक्त भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुँचना और लोगों को मादक द्रव्यों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।” उन्होंने बताया कि नशे की लत न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से व्यक्ति को कमजोर करती है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।डॉ. गोपाल ने विद्यार्थियों को मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील करते हुए बताया कि नशे के कारण व्यक्ति में गंभीर सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविक ऊर्जा स्वास्थ्य, शिक्षा और सकारात्मक सोच में है, न कि किसी नशे में।कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य श्री घनाराम कश्यप ने छात्रों को नशा मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई। शपथ में यह संकल्प लिया गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। विद्यालय प्रांगण “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे नारों से गूंज उठा।इस अवसर पर शिक्षक डी. आर. खरे, पवन नाग, दिलीप यादव, जी. एल. साहू और ईशान गंगवानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हाई स्कूल कोदापाखा के छात्र-छात्राएँ एवं प्री-मैट्रिक छात्रावास के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए।कार्यक्रम को सफल बनाने में औषधालय कर्मचारी शिव प्रसाद बघेल और सविता की सक्रिय भूमिका रही।डॉ. गोपाल ने अंत में कहा कि नशे से मुक्त समाज ही स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। युवाओं को अपने जीवन में अनुशासन और नशामुक्ति का संकल्प लेना चाहिए।

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