*कोदापाखा में पोषक अनाज रोपण और जागरूकता अभियान की शुरुआत*
*विलुप्त होती पारंपरिक फसलों को बचाने की पहल हमर सुघ्घर औषधि उद्यान में हुआ पौधरोपण*
दुर्गूकोदल। । शासकीय आयुर्वेद औषधालय कोदापाखा द्वारा हमर सुघ्घर औषधि उद्यान एवं ऑक्सीजन जोन” के निर्माण के पश्चात अब एक और सराहनीय पहल की गई है। औषधालय के कर्मचारियों शिवप्रसाद बघेल, सविता एवं जगदीश मरकाम के प्रयासों से पोषक आहार (अनाज) रोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है।इस पहल का उद्देश्य स्थानीय और पारंपरिक पोषक अनाजों को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और पौष्टिक भोजन के महत्व से जोड़ना है। कार्यक्रम के तहत औषधालय परिसर में पारंपरिक आदिवासी अनाजों जैसे पोपट (माड़िया सेम), कांग (किनोवा), झुडगा, सिक्का, जौ, कोदो, कुटकी, मडिया और अलसी का रोपण किया जा रहा है।डॉ. के. व्ही. गोपाल के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य है कि आधुनिक जीवनशैली में विलुप्त होती स्थानीय अनाज प्रजातियों को पुनः प्रचलन में लाया जाए, क्योंकि ये अनाज न केवल पौष्टिक हैं बल्कि जलवायु अनुकूल और पर्यावरण संरक्षण में सहायक भी हैं।औषधालय स्टाफ ने बताया कि यह प्रयास आदिवासी समाज के पारंपरिक खानपान और जीवनशैली के पुनर्जीवन की दिशा में एक छोटा किंतु महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को भी इन अनाजों के स्वास्थ्य लाभ और औषधीय गुणों की जानकारी दी जा रही है।शासकीय आयुर्वेद औषधालय कोदापाखा, विकासखंड दुर्गूकोदल, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.) द्वारा संचालित यह पहल स्थानीय समुदाय में स्वास्थ्य, पर्यावरण और पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने में एक नई मिसाल बन रही है।

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