*लगातार बारिश से नेवारी की धान फसल बर्बाद*
*बीमा कंपनी से उचित मुआवजे की माँग, कई किसानों का निरीक्षण आवश्यक*
दुर्गूकोदल | 04 नवंबर 2025
विकासखंड दुर्गूकोदल अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखई के आश्रित ग्राम नेवारी में इस वर्ष लगातार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ग्राम की किसान मनो बाई उइके पति शह्दू राम की लगभग 16 एकड़ भूमि में तैयार धान फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। पाँच से छह महीनों की लगातार मेहनत के बाद धान की फसल तैयार हुई थी, परंतु असमय और निरंतर वर्षा ने खेतों में पानी भर जाने से फसल को भारी नुकसान पहुँचाया।किसान परिवार ने बताया कि धान की फसल कटाई योग्य अवस्था में थी और इस बार पैदावार की उम्मीद भी अच्छी थी, लेकिन मौसम की मार ने सारी मेहनत और खर्च को व्यर्थ कर दिया। खेतों में पानी भरे होने के कारण फसल काटना भी संभव नहीं हो पा रहा है।
मनो बाई उइके सहित गाँव के कई किसानों का कहना है कि उन्होंने धान फसल का फसल बीमा भी कराया था। लेकिन जब बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क किया गया तो कंपनी प्रतिनिधियों ने 20 से 25 दिन बाद जांच होने की बात कही। किसानों का कहना है कि अगर निरीक्षण में इतनी देरी की गई तो तब तक खेतों से फसल उठ जाएगी और नुकसान का वास्तविक मूल्यांकन नहीं हो पाएगा, जिससे मुआवजा कम मिलने की आशंका है।ग्राम के किसानों ने प्रशासन एवं बीमा कंपनी से तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराने की माँग की है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष बीज, खाद, दवाइयों और मजदूरी का खर्च पहले से अधिक आया था, ऐसे में फसल नष्ट होने से परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है।ग्राम के अन्य किसान भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। लगातार वर्षा और खेतों में जलभराव से पूरे क्षेत्र में कई किसानों की फसलें खराब हुई हैं। यदि उचित समय पर मुआवजा और राहत राशि नहीं मिली तो किसानों के लिए अगला फसल चक्र आरंभ करना भी मुश्किल हो जाएगा।
किसानों ने प्रशासन और जिला स्तरीय अधिकारियों से अपील की है कि शीघ्र निरीक्षण कर बीमा कंपनी को उचित मुआवजा प्रदान करने के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि फसल नुकसान की भरपाई हो सके और किसानों को राहत मिल सके।

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