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केंदा में संस्कारों का संगम: सुबह 4 बजे जाग रहे बच्चे, गांव में गूंजा व्यसन मुक्ति का संदेश

 


केंदा/कोटा। मोबाइल, फैशन और नशे की गिरफ्त में फंसती युवा पीढ़ी के बीच कोटा ब्लॉक के ग्राम केंदा में एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। यहां अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा 10 से 15 मई तक आयोजित ब्लॉक स्तरीय आवासीय युवा व्यक्तित्व निर्माण शिविर युवाओं के जीवन में संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास की नई अलख जगा रहा है।


शिविर में कोटा ब्लॉक के गांव-गांव से पहुंचे युवा एवं बच्चे सुबह 4 बजे जागकर योग, ध्यान, प्रार्थना और आदर्श दिनचर्या का अभ्यास कर रहे हैं। पूरे दिन चलने वाले प्रशिक्षण सत्रों में युवाओं को व्यक्तित्व निर्माण, करियर मार्गदर्शन, सफलता के सूत्र, तनाव प्रबंधन, संस्कारों का विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, व्यसन मुक्ति एवं कुरीति उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है।


शिविर का माहौल पूरी तरह अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से भरा नजर आ रहा है। बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई जा रही है। योग, ध्यान और प्रेरणादायक व्याख्यानों के माध्यम से उनमें आत्मबल, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा रही है।

इसी कड़ी में 13 मई को शिविरार्थियों एवं गायत्री परिवार के परिजनों ने केंदा गांव में विशाल व्यसन मुक्ति रैली निकालकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ निकली रैली ने पूरे गांव का ध्यान आकर्षित किया। गांव की गलियों में “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।

ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे शिविर युवाओं को सही दिशा देने का काम कर रहे हैं। शिविर में शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभाओं को भी मंच दिया जा रहा है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है।

गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं बल्कि युवाओं को संस्कारवान, जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण में सहभागी नागरिक बनाना है।

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