कार्यालय में 'जाम टकराना' पड़ा भारी: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही DEO ने दो कर्मचारियों को किया सस्पेंड
00 बड़ी कार्रवाई: खैरागढ़ के स्कूल ब्लॉक ऑफिस में ड्यूटी के बाद रात में चल रही थी शराब पार्टी, कलेक्टर के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी का कड़ा एक्शन
संवाददाता-मंदीप सिंह
स्थान-खैरागढ़
खैरागढ़।सरकारी दफ्तर को मयखाना बनाने वाले शासकीय कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल के.पी. साव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सहायक ग्रेड-02 और एक शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर के अनुमोदन के बाद की गई है, जिससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई के अंतर्गत विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय खैरागढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 रविन्द्र सिंह गहरवार और शासकीय प्राथमिक शाला सण्डी के प्रधान पाठक सुनील कुमार वर्मा का दफ्तर के भीतर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। दोनों कर्मचारी कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद, रात के वक्त दफ्तर परिसर के अंदर बैठकर मदिरापान कर रहे थे। जैसे ही यह वीडियो प्रशासनिक गलियारों और सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जिला शिक्षा विभाग तुरंत हरकत में आ गया। इसे शासकीय सेवक के आचरण के सर्वथा विपरीत और गंभीर अनुशासनहीनता का मामला माना गया।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला पाया गया। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की यह बड़ी कार्रवाई की। आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि के दौरान दोनों ही कर्मचारियों का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय छुईखदान निर्धारित किया गया है, और वे बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। नियमानुसार निलंबन की अवधि में संबंधित कर्मचारियों को जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा और इनके खिलाफ विभागीय जांच भी प्रस्तावित की गई है।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल के.पी. साव का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह तथ्य संज्ञान में आया था, जिसके बाद कलेक्टर महोदय के अनुमोदन से दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है क्योंकि दफ्तर परिसर में रात को मदिरापान करना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। विभाग ने इस कार्रवाई के आदेश की प्रतिलिपि संचालक (लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर), संयुक्त संचालक (शिक्षा संभाग, दुर्ग) और कलेक्टर को भी भेज दी है ताकि मामले में आगे की कड़क विभागीय जांच की जा सके।
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