आदिवासी छात्रावासों में अनियमितताओं का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग बलरामपुर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने वाड्रफनगर विकासखंड के कोगवार एवं बलंगी छात्रावासों में गंभीर अनियमितताओं, भ्रष्टाचार तथा आदिवासी बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार, 18 जुलाई को समाज की टीम द्वारा दोनों छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आने का दावा किया गया है। निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर लगाने का तेल एक्सपायरी खाने का तेल स्टाक मे एवं उपस्थिति पंजी उपलब्ध नहीं पाए गए। वहीं बच्चों को परोसे जाने वाले चावल में कंकड़-पत्थर मिलने तथा खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
समाज ने आरोप लगाया है कि छात्रावासों में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत खराब है तथा स्टॉक कक्ष में सड़े हुए आलू एवं प्याज भी पाए गए। इसके अलावा बच्चों के उपयोग की सामग्री में भी अनियमितता मिलने का दावा किया गया है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिले के कुछ छात्रावासों में संस्थागत भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आई हैं। आदिवासी समाज ने इसे आदिवासी बच्चों के अधिकारों के साथ अन्याय बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर से कोगवार एवं बलंगी सहित जिले के सभी ट्राइबल छात्रावासों की वित्तीय एवं भौतिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने तथा बच्चों को तत्काल गुणवत्तापूर्ण भोजन, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

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