बालोद
लोकेशन -बालोद
तारीख 21/09/26
आज जिला कांग्रेस कमेटी बालोद (पिछड़ा वर्ग विभाग) के अध्यक्ष श्री के के राजू चंद्राकर द्वारा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ आगामी जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए पृथक एवं स्पष्ट कॉलम शामिल किए जाने तथा ओबीसी वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी आंकड़ा सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम का ज्ञापन अपर कलेक्टर बालोद श्री चंद्रकांत कौशिक को सौंपा गया!
ज्ञापन में कहा गया है कि देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित है, जो वर्षों से सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक न्याय की मांग करता रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी देश में ओबीसी वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का आधिकारिक एवं अद्यतन आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
भारतीय संविधान सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास की भावना पर आधारित है। किंतु जब तक देश के सबसे बड़े सामाजिक वर्गों में से एक ओबीसी समुदाय की वास्तविक संख्या का प्रमाणिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं होगा, तब तक योजनाओं, संसाधनों, शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी कार्यक्रमों का न्यायसंगत निर्धारण संभव नहीं है।
हमारा स्पष्ट मत है कि केवल सामान्य जनगणना कराना पर्याप्त नहीं है। यदि जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पृथक एवं स्पष्ट कॉलम नहीं बनाया जाता है, तो यह करोड़ों पिछड़े वर्ग के नागरिकों की पहचान और अधिकारों की अनदेखी होगी। यह सामाजिक न्याय की मूल भावना के साथ अन्याय होगा।
आज देश में आरक्षण, प्रतिनिधित्व, सरकारी योजनाओं की पहुंच, छात्रवृत्तियों, आर्थिक उत्थान और सामाजिक भागीदारी से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं, किंतु इन निर्णयों का आधार वास्तविक और अद्यतन आंकड़ों के बजाय अनुमान बने हुए हैं। ऐसी स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं कही जा सकती।
जिला कांग्रेस कमेटी बालोद (पिछड़ा वर्ग विभाग) का मानना है कि यदि सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है तो उसे जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पृथक कॉलम सुनिश्चित करना चाहिए तथा प्राप्त आंकड़ों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक करना चाहिए। आंकड़ों को छिपाने या ओबीसी समुदाय की पहचान को अस्पष्ट रखने का कोई औचित्य नहीं है।
हम यह भी कहना चाहते हैं कि देश की सामाजिक संरचना को समझने, वंचित वर्गों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा संविधान निर्माताओं के सपनों के अनुरूप समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए जातिगत जनगणना का वैज्ञानिक और पारदर्शी स्वरूप अत्यंत आवश्यक है। ओबीसी वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और भागीदारी का सही आकलन किए बिना सामाजिक न्याय की कोई भी नीति अधूरी रहेगी।
अतः जिला कांग्रेस कमेटी बालोद (पिछड़ा वर्ग विभाग) महामहिम राष्ट्रपति महोदया से आग्रह करती है कि भारत सरकार को निर्देशित करने हेतु आवश्यक पहल करें ताकि—
आगामी जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग(ओबीसी) के लिए पृथक एवं स्पष्ट कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।ओबीसी समुदाय की वास्तविक जनसंख्या का वैज्ञानिक, निष्पक्ष एवं पारदर्शी आंकड़ा संकलित किया जाए।
जातिगत जनगणना से प्राप्त समस्त आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाए।
जनगणना के आंकड़ों के आधार पर सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
पिछड़ा वर्ग समुदाय के संवैधानिक अधिकारों एवं हिस्सेदारी को सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाएं।
हमें विश्वास है कि देश के करोड़ों पिछड़ा वर्ग के नागरिकों की इस न्यायोचित मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा तथा सामाजिक न्याय और समान भागीदारी की दिशा में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष श्री चंद्रेश हिरवानी, महामंत्री श्री भोजराज साहू, प्रवक्ता एवं ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष श्री यज्ञदेव पटेल,ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गुंडरदेही के अध्यक्ष कचरू साहू,पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्री संजय साहू, विधायक प्रतिनिधि कमलेश श्रीवास्तव, न पा नेता प्रतिपक्ष कासिमुद्दीन कुरैशी,नगर कांग्रेस गुंण्डरदेही के अध्यक्ष श्री लालू सोनकर सहित कांग्रेसजन उपस्थित रहे!
रिपोर्टर
सी जी विजन टीवी चैनल बालोद गुण्डरदेही संवाददाता रूपचंद जैन की रिपोर्ट
9691605512

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