हर अनुविभाग में लगे प्रदूषण जांच मशीन, ललित नरेटी ने उठाई मांग
दुर्गूकोंदल, 14 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक अनुविभाग स्तर पर वाहन प्रदूषण जांच मशीन स्थापित करने की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित नरेटी ने प्रदेश के परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में वाहन प्रदूषण जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।नरेटी ने कहा कि प्रदूषण जांच केंद्रों की सीमित उपलब्धता के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं बन पाने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।पत्र में बताया गया है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन पंजीकृत हैं। नियमानुसार सभी वाहनों के लिए PUC प्रमाणपत्र अनिवार्य है, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके।लेकिन प्रदेश के कई अनुविभागों और विकासखंडों में मशीन नहीं होने से वाहन चालकों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जांच के लिए 40 से 60 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत हो रही है। सुविधा नहीं होने से कई चालक समय पर प्रमाणपत्र नहीं बनवा पाते और बिना वैध PUC के पकड़े जाने पर यातायात पुलिस द्वारा 1000 से 3000 रुपये तक के ई-चालान किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।ललित नरेटी ने मांग की है कि सभी अनुविभागों में स्थायी प्रदूषण जांच मशीन स्थापित की जाए। जब तक यह संभव नहीं हो, तब तक मोबाइल PUC वैन के माध्यम से प्रत्येक विकासखंड में सप्ताह में कम से कम एक दिन शिविर लगाया जाए। उन्होंने जांच दरें सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने और नागरिकों को जागरूक करने की भी मांग की है।

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