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RAJNANDGAON: ग्राम बूढ़ान छापर के कला जगत में शोक की लहर, शंभू राम गंगासागर जी के निधन से अपूरणीय क्षति

 ग्राम बूढ़ान छापर के कला जगत में शोक की लहर, शंभू राम गंगासागर जी के निधन से अपूरणीय क्षति


बूढ़ान छापर। ग्राम बूढ़ान छापर के रामलीला एवं कला-सांस्कृतिक जगत के समर्पित व्यक्तित्व आदरणीय शंभू राम गंगासागर जी के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उनके निधन से ग्राम की सांस्कृतिक परंपरा और रामलीला परिवार को अपूरणीय क्षति पहुँची है।

शंभू राम गंगासागर जी ने रामलीला की परंपरा को सँभालने और उसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। गायन, वादन, संगीत एवं अभिनय के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा और अनुभव अनेक कलाकारों के लिए प्रेरणादायी रहे। उन्होंने अपने ज्ञान, कला और मार्गदर्शन से कलाकारों को पारंगत बनाने में अहम भूमिका निभाई। रामलीला के प्रति उनका समर्पण सदैव याद किया जाएगा।


उनके साथ बिताए गए यादगार पल आज भी हृदय में जीवंत हैं। उनके सानिध्य में कला सीखने और उनके साथ मंच साझा करने का अवसर अनेक कलाकारों के लिए अनमोल रहा। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनकी कला और उनके द्वारा सँभाली गई सांस्कृतिक विरासत हमेशा जीवित रहेगी। उनके साथ बिताए वे दिन अब कभी लौटकर नहीं आएँगे, लेकिन उनकी स्मृतियाँ जीवनभर भावुक करती रहेंगी।


अंतिम संस्कार के अवसर पर जनपद पंचायत डोंगरगढ़ के सभापति श्री थनवार मंडावी, सरपंच प्रतिनिधि नोहर सिन्हा, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष गणेशू सिन्हा, ग्राम पंचायत बूढ़ान छापर के निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण, ग्राम प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।


शंभू राम गंगासागर जी द्वारा दिए गए ज्ञान, कला और सीख को जन-जन तक पहुँचाना तथा जिस रामलीला की परंपरा को उन्होंने वर्षों तक सँभालकर रखा, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाना हम सभी का प्रथम कर्तव्य रहेगा। उनकी कला और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।


ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।


भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शत्-शत् नमन। 🙏💐

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