बालोद
लोकेशन -बालोद
तारीख 04/11/26
धान खरीदी की अवधि घटाकर किसानों के साथ अन्याय कर रही भाजपा सरकार – मोंटू चंद्राकर
15 नवंबर से 15 जनवरी तक धान खरीदी का निर्णय किसान विरोधी, छुट्टियों को छोड़ दें तो किसानों को मिलेगा मात्र 40 दिन का समय
बालोद। जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के प्रवक्ता मोंटू चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश के किसान पहले से ही मौसम की मार, बेमौसम बारिश, फसल नुकसान और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। बड़ी मुश्किल से किसानों की स्थिति कुछ संभलने लगी थी, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने धान खरीदी की अवधि घटाकर किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
मोंटू चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 जनवरी तक निर्धारित कर दी है। सरकार के इस फैसले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि शनिवार को खरीदी बंद,रविवार सार्वजनिक अवकाश और अन्य छुट्टियों को हटा दिया जाए तो किसानों को धान बेचने के लिए लगभग 40 दिन ही मिलेंगे। इतने कम समय में प्रदेश के लाखों किसानों की उपज की खरीदी कैसे पूरी होगी? क्या सरकार ने किसानों की वास्तविक परिस्थितियों और धान खरीदी केंद्रों की क्षमता का आकलन किया है?
उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने, किसान हितैषी होने और सुशासन का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ धान खरीदी की अवधि कम करके किसानों को अपनी ही उपज बेचने के लिए परेशान कर रही है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार किसान और खेती-किसानी है। धान यहां केवल एक फसल नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और आर्थिक सुरक्षा का आधार है। ऐसे में खरीदी की अवधि कम करना किसानों के हितों पर सीधा कुठाराघात है। मौसम की अनिश्चितता के कारण कई किसानों की फसल कटाई और मिंजाई में देरी होती है। छोटे और सीमांत किसानों के पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं होते कि वे निर्धारित समय में अपनी पूरी उपज बेच सकें। ऐसे किसानों के लिए सीमित खरीदी अवधि गंभीर संकट पैदा कर सकती है।
उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि यदि किसी किसान की फसल मौसम के कारण देर से तैयार होती है तो क्या वह अपनी उपज बेचने से वंचित रहेगा? यदि खरीदी केंद्रों में टोकन नहीं मिलता, तौल में देरी होती है या तकनीकी कारणों से खरीदी बाधित होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के बजाय उन्हें धान बेचने की दौड़ में खड़ा करना चाहती है?
मोंटू चंद्राकर ने राज्य सरकार से मांग की है कि—
धान खरीदी की निर्धारित अवधि तत्काल बढ़ाई जाए।
किसानों की संपूर्ण उपज की खरीदी सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
मौसम और फसल की स्थिति को देखते हुए खरीदी केंद्रों में अतिरिक्त व्यवस्था की जाए।
किसी भी किसान का धान केवल समय सीमा समाप्त होने के कारण खरीदी से वंचित न हो।
टोकन, तौल और खरीदी केंद्रों की अव्यवस्थाओं को दूर कर किसानों को राहत दी जाए।
अंत में मोंटू चंद्राकर ने कहा कि भाजपा सरकार को यह समझना होगा कि किसान सरकार की सुविधा के हिसाब से खेती नहीं करता, बल्कि खेती मौसम और प्रकृति के हिसाब से होती है। सरकार की जिम्मेदारी किसानों की परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्था बनाने की है, न कि किसानों पर अपनी मनमानी समय सीमा थोपने की।
कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है। यदि भाजपा सरकार ने धान खरीदी की अवधि बढ़ाकर किसानों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया तो कांग्रेस किसानों के हक और अधिकार की लड़ाई सड़क से सदन तक पूरी ताकत के साथ लड़ेगी।
रिपोर्टर
सी जी विजन टीवी चैनल बालोद गुण्डरदेही संवाददाता रूपचंद जैन की रिपोर्ट
9691605512

0 Comments