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Durgkondal: प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान के तहत 98 गर्भवती महिलाओं का किया गया स्वास्थ्य परिक्षण*

*प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान के तहत 98 गर्भवती महिलाओं का किया गया स्वास्थ्य परिक्षण*



दुर्गूकोदल । विकासखंड दुर्गूकोंडल के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गकोंडल , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोड़े, कोड़ेकुर्स, दमकसा, लोहात्तर में  9 सितंबर को डॉ राम चंद्र ठाकुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में  प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान चलाया गया। डॉक्टर मनोज किशोरे खंड चिकित्सा अधिकारी दुर्गकोंडल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आए हुए 54 गर्भवती महिलाओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान हर माह के 9 एवं 24 तारीख को मनाया जाता हैं एवं अन्य जानकारी जैसे गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के भीतर मितानिन कार्यकर्ता से संपर्क करके ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक  (महिला ) के द्वारा ANC (प्रसवपूर्व देखभाल) के लिए पंजीकरण कराना ज़रूरी है। अपना मातृ एवं शिशु सुरक्षा (MCP) कार्ड, पहचान प्रमाण और बैंक खाते का विवरण उपलब्ध कराना होगा, जिसमें मोबाइल नंबर भी शामिल है ताकि आपको SMS मिल सकें। यह पंजीकरण सुनिश्चित करेगा कि आपको गर्भावस्था के दौरान ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएँ और मार्गदर्शन मिल सकें, जैसे कि स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और कौन सी गोलियां लेना सुरक्षित है जैसे फोलिक एसिड

शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए फोलिक एसिड लेना बहुत ज़रूरी है, खासकर गर्भावस्था की योजना बनाते समय और पहले 12 हफ्तों में। हड्डियों की मजबूती और कैल्शियम के अवशोषण के लिए कैल्शियम और विटामिन डी3 सप्लीमेंट लेना ज़रूरी है। 

गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाने के लिए आयरन की ज़रूरत होती है। आयरन की कमी / खून की कमी को पूरा करने के लिए 12 सप्ताह के बाद दिन में 2 बार टैबलेट आयरन फोलिक एसिड प्रसव तक एवं प्रसव के 6 माह तक लेना है। डॉ संदीप साहू ने बताया गर्भावस्था  के दौरान पेट का अल्ट्रासाउंड(USG)  करना बहुत जरूरी है जिससे शिशु के विकास की निगरानी एवं भ्रूण के सिर, पेट और फीमर की लंबाई जैसे मापों को ट्रैक करके बच्चे के विकास की निगरानी करता है। 

शुरुआती अल्ट्रासाउंड से बच्चे की दिल की धड़कन सुनकर और अन्य मापों से जन्म की सही तारीख का अनुमान लगाया जा सकता है। प्लेसेंटा की स्थिति और कार्यप्रणाली की जांच करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि शिशु को पर्याप्त पोषक तत्व मिल रहे हैं। अल्ट्रासाउंड से गर्भावस्था के दौरान एमनियोटिक द्रव की मात्रा का भी पता लगाया जा सकता है, जो शिशु के लिए महत्वपूर्ण है। इससे शिशु की स्थिति (जैसे सिर नीचे है या नहीं) और गर्भनाल से उसका जुड़ाव भी देखा जा सकता है। डॉ अलका मरकाम ने गर्भवती महिलाओं को बताया कि हर माह गर्भवती महिलाओं को  एएनसी (प्रसवपूर्व) जांच, जिसमें रक्त और मूत्र परीक्षण, रक्त चाप जांच, मलेरिया जांच शामिल होते हैं, माँ और बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो संक्रमणों, उच्च जोखिम वाली स्थितियों और माँ को अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने में मदद करती है। यह गर्भावस्था के दौरान कई बार की जाती है, आमतौर पर गर्भावस्था की शुरुआत से लेकर डिलीवरी तक, ताकि किसी भी संभावित जटिलता को समय पर पहचाना और प्रबंधित किया जा सके।  प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 54 , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोड़े में 16 , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दमकसा में 11, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोड़ेकुर्स में 13 , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहात्तर में  4 गर्भवती महिलाओं का एएनसी (प्रसवपूर्व) जांच डॉक्टरों के द्वारा किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गकोंडल में प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान के दौरान डॉ मनोज किशोरे खंड चिकित्सा अधिकारी दुर्गकोंडल, डॉ संदीप साहू, डॉ अलका मरकाम,  डॉ अमन वर्मा, डॉ जितेंद्र ध्रुव, रानू गंजीर , रामसफल वर्मा, नीलिमा पोटाई, रमेश सलाम, गूंजा जैन, रतिराम नरेटी, उपस्थित रहे।

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