औषधीय पौधों और योगाभ्यास से छात्रों को मिली सेहतमंद जीवन की सीख
दुर्गूकोदल।छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर “हर दिन हर घर आयुर्वेद” कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय आयुर्वेद औषधालय कोदापाखा द्वारा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास कोदापाखा में औषधीय पौधों का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों को जीवनशैली में अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम में सबसे पहले छात्रों को ताजी एवं सूखी औषधीय पौधों की प्रदर्शनी दिखाई गई। फ्लैक्स और शैक्षिक सामग्री के माध्यम से यह बताया गया कि आयुर्वेदिक पौधे किस प्रकार से सामान्य बीमारियों के उपचार में कारगर साबित होते हैं। पौधों की विशेषताओं और उनके उपयोग की जानकारी देकर छात्रों को यह समझाया गया कि हमारे आस-पास पाए जाने वाले पौधे न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि हमारी सेहत के लिए भी अमूल्य वरदान हैं।इसके पश्चात् योग शिक्षक शिव प्रसाद बघेल ने छात्रों को योगाभ्यास कराया। उन्होंने योग की विभिन्न क्रियाओं और आसनों का अभ्यास करवाते हुए इसके महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी प्रतिदिन केवल 20–30 मिनट योग करें तो न केवल उनका शारीरिक विकास बेहतर होगा बल्कि मानसिक एकाग्रता और स्मरणशक्ति में भी वृद्धि होगी। साथ ही, जीवनभर स्वस्थ रहने का मार्ग भी योग से ही संभव है।कार्यक्रम प्रभारी डॉ. के. व्ही. गोपाल ने छात्रों को औषधि उद्यान का भ्रमण कराया। भ्रमण के दौरान उन्होंने विभिन्न औषधीय पौधों की पहचान कराते हुए उनके उपयोग और औषधीय गुणों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि बदलती जीवनशैली में प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर हम कई तरह की बीमारियों से बच सकते हैं। जीवन शैली दिवस के अवसर पर उन्होंने फ्लैक्स और पंपलेट वितरण के माध्यम से संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।इस अवसर पर औषधालय के कर्मचारी शिव प्रसाद बघेल (योग शिक्षक), सविता, सीमा कावडे और जगदीश मरकाम ने अपनी सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और उन्होंने भी औषधीय पौधों के महत्व को समझने में गहरी रुचि दिखाई।


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