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Gariyaband: सफाई के नाम 31 लाख साफ करने वाले पंचायतों की जांच करेगी दल*

*खबर का असर*

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*सफाई के नाम 31 लाख साफ करने वाले पंचायतों की जांच करेगी दल*


रिपोर्टर --जयविलास शर्मा 


*जिला सीईओ का फरमान स्वच्छता मामले में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं 



गरियाबंद --देवभोग जनपद पंचायत के 40 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के नाम विकास मद के 31 लाख रूपयों के खर्च करने के बाद भी गांव स्वच्छ नहीं होने के मामले पर प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला सीईओ प्रखर चंद्राकर ने संज्ञान ले लिया है ज्ञात हो कि दबंग केशरी ने इस मामले को प्रमुखता के साथ उठाया था। सीईओ जिला पंचायत ने इसके जांच के लिये सीईओ जनपद पंचायत के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया है दल पंचायतों में विकास मद में हुये धांधली को खंगालेगी और पंचायत द्वारा किये गये कार्यों की भौतिक स्थिति की जांच कर जिला पंचायत को रिपोर्ट सौंपेगी वहीं मामले पर त्वरित संज्ञान लेने व जांच दल गठित करने पर ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर तारीफ हो रही है तो वहीं विकास मद के दुरूपयोग कर साफ़ करने वाले पंचायतों में जिम्मेदारों में खलबली मच गयी है।


*आवास और स्वच्छता में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं ---जिला सीईओ*


विकास मद को स्वच्छता के नाम अनाप शनाप खर्च करने व इसमें व्यापक भ्रष्टाचार करने के मामले पर जिला सीईओ ने पांच सदस्यीय जांच  दल गठित कर दिया है जो बहुत जल्द ही 40 पंचायतों में 15 वें वित्त के विकास मद में किये गये भ्रष्टाचार की जांच कर जिला पंचायत को रिपोर्ट सौंपेगी।जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने मामले पर संज्ञान लेते हुये कहा है ग्राम इकाई पंचायतो में आवास और विकास मद में  भ्रष्टाचार या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।


*क्या है मामला और स्वच्छता के लिये भ्रष्टाचार का कैसे हुआ खेल?*


चालू वित्तीय वर्ष में जनपद पंचायत क्षेत्र के 40 ग्राम पंचायतों ने विकास मद पर ऐसे बंदरबांट किया है ये 40 ग्राम पंचायतें स्वच्छता मामले में 31 लाख खर्च कर दिये पर गांव में गंदगी और कचरों के ढेर जस का तस है इतना ही नहीं पंचायतों ने विकास मद खर्च के लिये ऐसे वेंडरों का बील लगाया है जिसका नाम तो कोई फर्म है और ना ही इन वेंडरों के पास सामग्री है कुछ वेंडर तो सरपंच-सचिव के रिश्तेदार भी है।


*तलवार गले पर लटकी तो सरपंच पर्दा डालने मिडिया पर लगा रहे हैं परेशान करने का मिथ्या आरोप*


पंचायतों के द्वारा विकास मद को बंदरबांट की खबरों का असर इतना की सरपंच भी अब मिडिया के खिलाफ हो गये है बीते 8 सितम्बर को मिडिया कर्मियों के खिलाफ कलेक्टर के नाम एसडीएम को शिकायत कर परेशान करने का आरोप मढ दिया है।इधर जिला से जांच के लिये फरमान और दल गठित होने के बाद ग्राम पंचायतों में हड़कंप मचा हुआ है अब तो सरपंचों के गुर्गे भी सोशल मिडिया पर एक्टीव होकर मिडियाकर्मीयो के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट कर रहे हैं।

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