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BALRAMPUR: बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मवेशी तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, 5 और गिरफ्तार

 बलरामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मवेशी तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, 5 और गिरफ्तार                    रघुनाथनगर (बलरामपुर)। बलरामपुर जिले में पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रघुनाथनगर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। संगठित मवेशी तस्करी नेटवर्क में शामिल 5 और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस इस मामले में पहले ही 34 मवेशियों (भैंस-भैंसा) को जब्त कर मुख्य सप्लायर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। रात के अंधेरे में यूपी ले जाए जा रहे थे मवेशी मामले की शुरुआत 16 सितंबर को हुई, जब रघुनाथनगर पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ तस्कर ग्राम केसारी के रास्ते पैदल मवेशियों को अवैध रूप से उत्तर प्रदेश ले जा रहे हैं। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर दीपक सोनवानी (24 वर्ष) को धर दबोचा और उसके कब्जे से 34 नग मवेशी जब्त किए, जबकि बाकी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।


जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 8 अक्टूबर को गिरोह के मास्टरमाइंड और लोकल सप्लायर जितेन्द्र जायसवाल को गिरफ्तार किया। जितेन्द्र से हुई कड़ी पूछताछ के बाद इस अंतर्राज्यीय गिरोह में शामिल अन्य सक्रिय सदस्यों के नाम सामने आए।


सुनियोजित तरीके से बंटा था कामः एजेंट से लेकर ट्रांसपोर्टर तक शामिल

पुलिस की विशेष टीम ने दबिश देकर तस्करी नेटवर्क से जुड़े 5 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में आरोपियों की संगठित भूमिकाएं इस प्रकार सामने आई हैं:


ऐनुल्लाह अंसारी (37 वर्ष, निवासी गढ़वा/सूरजपुर): लोकल एजेंट व सप्लायर। यह बलरामपुर, सूरजपुर और सरगुजा के ग्रामीण इलाकों से गरीब किसानों से औने-पौने दाम पर मवेशी खरीदता था और जंगल सीमा पार कराकर बड़े सप्लायरों को सौंपता था।


इसके खिलाफ पहले भी पशु क्रूरता का आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।


जैनुल अंसारी (50 वर्ष, निवासी सूरजपुर): मध्यस्थ (कमीशन एजेंट)। यह तस्करों के कहने पर गांवों से मवेशी जुटाने और उन्हें पैदल हांककर अंतर्राज्यीय सीमा तक पहुंचाने का काम करता था।


रमजान अंसारी (35 वर्ष, निवासी सूरजपुर): मध्यस्थ (कमीशन एजेंट)। जैनुल के साथ मिलकर गांवों से मवेशी खरीदवाने और बॉर्डर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाता था।


ईसराज अहमद (33 वर्ष, निवासी सोनभद्र, उ.प्र.): ट्रांसपोर्टर। छत्तीसगढ़-यूपी सीमा के जंगलों के पार से मवेशियों को पिकअप वाहन में भरकर उत्तर प्रदेश के बड़े सरगनाओं तक पहुंचाता था।


तस्लिम (27 वर्ष, निवासी सोनभद्र, उ.प्र.): ट्रांसपोर्टर। ईसराज के साथ मिलकर पिकअप के जरिए मवेशियों को उत्तर प्रदेश में नेटवर्क के मुख्य एजेंटों तक पहुंचाने का काम करता था।

सख्त धाराओं में अपराध दर्ज


रघुनाथनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 110/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2) (संगठित अपराध), छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (1) (घ) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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