*चौदह समितियां सवा दस करोड़ का कर्जा बकाया प्रबंधकों की परेशानी बढ़ी*
*सूखा के कारण फसल नही होने से बकायदार किसानों ने नहीं बेचा धान वसूली भी हो रहा प्रभावित
गरियाबंद --धान खरीदी के समय सीमा समाप्त होने के बाद खरीदी केंद्र और समितियां जहां धान के उठाव के लिये परेशान हैं वहीं अब किसानों को दिये कर्ज के वसूली को लेकर परेशानी बढ़ गयी है। कर्जा वसूली के लिये अब प्रशासन का लगातार दबाव बढ़ रहा है इधर ऐसे किसान अल्प वर्षा के कारण जिनका फसल प्रभावित हुआ वो लिये कर्ज समितियों को चुकाये नहीं हैं सुखे के कारण किसानों फसल बेचा नहीं बीमा भी बहुत से किसान को मिला नहीं ऐसे में जिले के मैनपुर और देवभोग की समितिओं को वसूली के लिये किया जा रहा अथक प्रयास भी काम नहीं आ रहा है।
*चौदह समिति में 10 करोड़ से अधिक किसानों का कर्ज वसूली के लिये बकाया*
देवभोग और मैनपुर ब्लाक में पिछले खरीफ फसल सीजन में अल्प और असमय वारिश ने किसान के उपार्जन को प्रभावित किया तो किसान ना धान बेच पाये और बीमा राशि के नहीं मिलने से कर्जा भी चुका नहीं सके मैनपुर ब्लाक के मैनपुर शोभा जिडार,अरगडी ढोररा, अमलीपदर और कांडेकेला को मिलाकर मध्यम और दीर्घ7800 कृषकों ने 12 करोड 47 लाख कर्ज उठाया था जिसमें से 8 करोड की वसूली हो सकी तो वहीं साढ़े चार करोड़ रूपये कर्ज अभी भी बकाया है देवभोग ब्लाक में झाखरपारा,झिरीपानी, लाटापारा, निष्टीगुडा चार समिति के 2802 कृषको ने 14करोड 73 लाख रूपये कर्ज लिया था जिसमें से 6करोड 33लाख रूपये समितियों को लेना बाकि है।
*झाखरपारा झिरीपानी सबसे अधिक वसुली प्रभावित समिति*
झाखरपारा और झिरीपानी समिति में धान की खरीदी पूर्ण प्रभावित रहा क्योंकि किसान के पास उपार्जन बेचने को नहीं था । झाखरपारा समिति के दो उपार्जन के 603 ऋणी किसान ने 3 करोड 27 लाख और झिरीपानी समिति के द उपार्जन केन्द्र में 3करोड 27लाख का कर्ज उठाया था जिसमें से झाखरपारा में 1करोड 15 लाख की वसुली हुयी तो वहीं झिरीपानी में 4करोड 27 लाख में मात्र 1करैड 61लाख की वसूली अभी तक संभव हो सका है। वहीं लाटापारा में 58 लाख और निष्टीगुडा में 97 लाख सबसे कम बकाया है।
*क्षेत्र के कई किसान को नहीं मिला बीमा राशि तो वहीं बीमा के लिये दर दर भटक रहें हैं*
समिति के कर्जा चुकारा नहीं होने के पिछे किसान बीमा ना मिलने को कारण बता रहे हैं वहीं वसुली के लिये बढ़ते दबाव के बाद समिति भी वसुली को गति दे दिया है। जहां झिरीपानी के केन्दुवन, ठिरलीगुडा,खोकसरा, खम्हारगुडा,सागौनभाडी में सैकड़ों किसान को फसल बीमा का लाभ नहीं मिला तो वहीं ढोररा समिति के मुचबहाल का किसान मनीराम अपने बीमा के लिये समिति और च्वाइस सेंटर का चक्कर काट रहा है।उसने अपने डेढ़ एकड़ कृषि भूमि के लिये 400रूपये देकर बजाज एलाइंज से बीमा कराया था पर बीमा कम्पनी ने उसकी सुध तक नहीं ली।
*अब आने वाले सीजन पर किसान नहीं करवायेंगे कोई बीमा*
देवभोग मैनपुर क्षेत्र के किसान ये सोचकर फसल बीमा करवाया थे कि उन्हें सुखे या फसल क्षति पर कम्पनी एवज में बीमा राशि देगी बीमा राशि ना मिलने पर नाराज़ ढोररा के मनीराम, सागौनभाडी के प्रमोद अवस्थी गंगराजपुर के विरेन्द्र बुडुराम,रंजीत टंकधर सहित गिरसूल केन्दुवन,खोकसरा ढोररा, अमलीपदर अरगडी के किसान अब किसी भी कम्पनी से बीमा नहीं कराने की बात कर रहे हैं।

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