डोंगरगढ़ बेलगॉव गाय को यातना देने वाले मामले में निष्पक्ष जांच हो पुलिस को गुमराह करने वाले पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।
बेलगॉव में मीटिंग में शामिल सभी गॉव प्रमुखों बेलगॉव सरपँच छबिल साहू,मुरली गेडाम,धनेश्वर ठाकुर,डूमर कंवर कड़ाई से पूछताछ किया जाएं
अपनी गलती को किसी बेगुनाह अनिल सिन्हा ऊपर थोपने की कोशिश,जिसमे प्रमुख रूप से छबिल साहू ,मुरली गेडाम कीर्तन चन्द्रवँशी ,अपनी व्यक्तिगत दुश्मनी अनिल से होने के कारण पुलिस को गुमराह किया जा रहा हैं।,
मिली सूत्रों से जानकारी मृतक के द्वारा मीटिंग में अपनी गलती कबूल चुका था,तभी उनसे दण्ड की बात हुई हैं। जिसमें सीतला मंदिर की गेट नया बनवाना, साफ सफाई पोताई,5000,गौ शाला में देना 5000,ग्राम सभा मे देना मंदिर में पूजा करवाना यहाँ दण्ड की बात मीटिंग में हुई थी,30,000 रुपये लगभग दण्ड की बात सामने आना और किसी चोटिल व्यक्ति और उनके पिता जी को लगभग दो घंटे मीटिंग में बैठना कोई मामूली बात नहीं हैं,
इन सभी बातों से हट कर पुलिस को गुमराह करने वाले बेलगॉव सरपँच छबिल साहू ,मुरली गेडाम,और गांव के मीटिंग में शामिल प्रमुखों से कड़ाई से पूछताछ हो जिसमें पुलिस को गुमराह करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया जाए,
हिन्दू संगठन डोंगरगढ़ के ऊपर कार्यवाही की मांग करने वाले,बेलगॉव के बजरंग दल के लोग मीटिंग में क्या फैसला लिया ये महत्वपूर्ण विषय हैं, क्योंकि यही मामला कोई दूसरे व्यक्ति की बात होती तो कीर्तन चन्द्रवँशी शांत नही बैठता, ये भी जांच का विषय
छत्तीसगढ़ विज़न टी वी से
अनिल सिन्हा रिपोर्टर

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