संविधान बचाओ की हुंकार – 28 मार्च को बलरामपुर में
संवाददाता:- अरविंद कुमार बेक
बलरामपुर / छत्तीसगढ़ में पारित धर्म स्वातंत्र्य
विधेयक 2026 के विरोध में 28 मार्च, शनिवार को बलरामपुर जिले में एक बड़ा जनआंदोलन देखने को मिलेगा। साप्ताहिक बाजार बलरामपुर से कलेक्टर कार्यालय तक आयोजित इस विशाल रैली में लगभग 2000 लोगों के शामिल होने का अनुमान है। रैली के माध्यम से कलेक्टर के जरिए राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
तय मार्ग और समय रैली दोपहर 12 बजे
साप्ताहिक बाजार से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी। कार्यक्रम शाम 4:30 बजे तक जारी रहेगा। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आयोजित की जाएगी।
विधेयक को बताया संविधान विरोधी:
आयोजकों का कहना है कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026, नागरिकों को भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन करता है। उन्होंने विशेष रूप से अनुच्छेद 25 से 28 का हवाला देते हुए कहा कि हर नागरिक को धर्म
मानने, पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता हैयह मौलिक अधिकार है, जिसे किसी भी कानून से सीमित नहीं किया जा सकता आयोजकों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में लागू मध्यप्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 के तहत कई मामलों में कथित रूप से झूठे एफआईआर दर्ज हुए, जो न्यायालय में सिद्ध नहीं हो सके। ऐसे में नए विधेयक के दुरुपयोग की आशंका और अधिक बढ़ने की बात कही जा रही है।
संयुक्त मोर्चा मैदान में : इस विरोध प्रदर्शन का
नेतृत्व भारत मुक्ति मोर्चा कर रहा है, जिसके साथ कई संगठन शामिल हैं, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा
राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद, सभी संगठनों ने इसे संविधान और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई बताया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर रैली को लेकर
आयोजकों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी को पूर्व सूचना दी है।
साउंड सिस्टम (ध्वनि विस्तारक यंत्र) के उपयोग की अनुमति भी मांगी गई है बड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है

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