देवकट्टा में सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं को लेकर विधायक हर्षिता स्वामी बघेल धरने पर बैठीं
डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवकट्टा में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों एवं किसानों की विभिन्न समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर विधायक हर्षिता स्वामी बघेल क्षेत्रीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं।
इस अवसर पर विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मनाया जा रहा "सुशासन तिहार" केवल प्रचार का माध्यम बनकर रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर ग्रामीणों और किसानों को आज भी अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित है और आम जनता तक उनका वास्तविक फायदा नहीं पहुंच पा रहा है।
विधायक ने कहा कि क्षेत्र के किसान आज भी खाद, बीज और सिंचाई की समस्याओं से जूझ रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क, नाली और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में जिन समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने आवेदन दिए थे, उन्हीं समस्याओं के निराकरण के लिए आज भी उन्हें बार-बार आवेदन देना पड़ रहा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसान और ग्रामीण अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए लगातार संघर्ष करने को मजबूर हैं, तो इसे सुशासन कैसे कहा जा सकता है। पहले जनता की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए, उसके बाद ही सुशासन का दावा शोभा देता है।
विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि सुशासन तिहार जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक की उपेक्षा की गई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना या औपचारिक आमंत्रण नहीं दिया गया और प्रदर्शन शुरू होने से मात्र एक घंटे पहले फोन के माध्यम से जानकारी दी गई। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों की अनदेखी बताते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
इस दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर नाराजगी व्यक्त की और शासन-प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
विधायक का बयान
"सुशासन केवल आयोजन करने से नहीं आता, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान से आता है। जब किसान खाद-बीज के लिए भटक रहा हो, गांवों में सड़क, पानी और बिजली की समस्याएं बनी हुई हों, तब सरकार को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक सुविधाएं चाहिए।"
प्रदर्शन के दौरान विधायक डोंगरगढ हर्षिता स्वामी बघेल और ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए।
सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाए।
अधूरी सड़कों एवं नालियों का निर्माण कराया जाए।
पात्र हितग्राहियों को आवास योजनाओं का लाभ दिया जाए।
लंबित आवेदनों एवं शिकायतों का शीघ्र निराकरण किया जाए।

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